मनेंद्र पटेल, दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। इस मामले में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद कलेक्टर ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया गया है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने पहले तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू, फसल सर्वेयर शशिकांत साहू और ग्राम समोदा की पटवारी अनिता साहू शामिल थे। वहीं आज कृषि विस्तार अधिकारी को निलंबित कर दिया। कलेक्टर ने कहा कि जांच में सामने आई कि जिस खेत में अफीम की खेती पकड़ी गई उसे कृषि विभाग के रिकॉर्ड में मक्के का प्लाट बताया गया था। यह प्लाट भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के भाई विमल ताम्रकार के खेत में दर्शाया गया था।


सर्वे रिपोर्ट में किसान और फसल गलत तस्वीर की गई थी अपलोड
कलेक्टर ने बताया दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि जिस स्थान को मक्का फसल का प्रदर्शन बताया गया वहां वास्तव में धान की खेती हो रही थी। इससे यह स्पष्ट हुआ कि शासन को गलत जानकारी देकर फसल प्रदर्शन योजना का लाभ लिया गया। नियमों के अनुसार प्रदर्शन प्लाट में उसी किसान की फोटो और वास्तविक फसल की तस्वीर अपलोड करना अनिवार्य होता है, लेकिन रिपोर्ट में मक्के की खेत के पास किसी अन्य किसान की फोटो खींचकर अपलोड कर दी गई। जिस मक्के की फोटो रिपोर्ट में लगाई गई थी। उसी क्षेत्र के पीछे अफीम की खेती भी की जा रही थी।
मौके पर जांच किए बगैर अप्रूवल की गई थी रिपोर्ट
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि फसल सर्वेयर शशिकांत साहू ने सितंबर 2025 में डिजिटल सर्वे के दौरान खसरा नंबर 309 को पड़ती भूमि और खसरा नंबर 310 को धान की फसल बताया था, जबकि दोनों जगहों पर अफीम की खेती हो रही थी। सर्वेयर की रिपोर्ट का सत्यापन पटवारी अनिता साहू को करना था, लेकिन बिना मौके पर जांच किए ही रिपोर्ट अप्रूवल कर दी गई। प्रशासन को तीनों अधिकारियों और संबंधित लोगों के बीच सांठगांठ की आशंका है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। वहीं घोर लापरवाही बरतने पर कृषि विस्तार अधिकारी अनिता साहू को निलंबित कर दिया गया है।

