नई दिल्ली: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) आने वाले दिनों में अपनी बिलिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। डीजेबी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने बताया कि अब उपभोक्ताओं की प्रॉपर्टी को जियो-टैग किया जाएगा और बिलिंग सिस्टम में व्यापक सुधार किए जाएंगे। इसका उद्देश्य लोगों को गलत और भारी-भरकम पानी के बिलों से राहत दिलाना है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और जवाबदेह बनेगी। इससे लंबे समय से चली आ रही बिलिंग से जुड़ी शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है। बैठक में जल मंत्री ने दिल्ली गेट नाले में गंदे पानी के इन-सीटू ट्रीटमेंट के लिए 71.12 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को गलत और भारी-भरकम पानी के बिलों से राहत दिलाने के लिए बिलिंग सिस्टम को पूरी तरह अपग्रेड किया जाएगा। इसके तहत प्रॉपर्टी की जियो-टैगिंग की जाएगी और डेटा को अधिक सटीक बनाया जाएगा। मंत्री ने बताया कि पानी की बिलिंग लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। इसे सुधारने के लिए घर-घर जाकर e-KYC करने और डिजिटल डेटाबेस अपडेट करने का अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से करीब 35 लाख उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और बिलिंग से जुड़ी गड़बड़ियों में बड़ी कमी आएगी।

तकनीक की मदद से की जाएगी मीटर रीडिंग

जल मंत्री ने बताया कि अब मीटर रीडिंग पूरी तरह टेक्नोलॉजी आधारित होगी। इसके तहत मीटर रीडिंग के समय फोटो खींची जाएगी, GPS टैगिंग के जरिए लोकेशन सुनिश्चित की जाएगी, बिल की डिलीवरी का डिजिटल प्रूफ लिया जाएगा. इससे पूरी प्रक्रिया में सटीकता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी और बिलिंग से जुड़ी गड़बड़ियों में कमी आएगी। इन सभी सुधारों को लागू करने में लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

6 महीने में तैयार होगा वेरिफाइड डिजिटल रिकॉर्ड

जल मंत्री ने कहा कि यह केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि सिस्टम में लोगों का भरोसा बहाल करने की पहल है। उन्होंने बताया कि अगले 6 महीने के भीतर हर रजिस्टर्ड उपभोक्ता का वेरिफाइड डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे बिलिंग विवादों में कमी आएगी, सर्विस डिलीवरी बेहतर होगी, शिकायतों का समाधान तेजी से हो सकेगा ।

7.25 लाख निवासियों को फायदा

दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े इस बयान में साफ कहा गया कि आम लोग अपना बिल भरना चाहते हैं, लेकिन सिस्टम की खामियां उन्हें परेशान करती हैं। अधिकारियों के मुताबिक सबसे बड़ी समस्या खराब मीटर, समय पर बिल न पहुंचना और अचानक बढ़े हुए बिल हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग अब ऐसा सिस्टम विकसित करने पर काम कर रहा है जो पूरी तरह सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद हो। इसके अलावा, सीवर व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है। किराड़ी और आसपास के क्षेत्रों में घर-घर सीवर कनेक्शन देने की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना से करीब 7.25 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

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