प्रमोद निर्मल, मोहला-मानपुर। जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की जारी प्रक्रिया के दौरान बड़ा झोलझाल सामने आया है। दशकों पुराने मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटने के लिए ऐसे आवेदन लगाए गए हैं जिसके आवेदक ये कह रहे हैं कि उन्होंने ये आवेदन लगाया ही नहीं है। बल्कि उनके नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है। अब संबंधित आवेदक और प्रभावित मतदाताओं ने SDM और तहसीलदार से मिलकर अपना कथन प्रस्तुत करते हुए सूची से नाम नहीं काटने की गुहार लगाई है। साथ ही मामले को लेकर थाने में FIR दर्ज कराने की बात भी प्रभावितों ने की है। दूसरी ओर एसडीएम ने इन प्रभावित मतदाताओं को उनके नाम नहीं कटने का आश्वासन दिया है। हैरानी की बात तो ये कि जिनके नाम काटने का आवेदन हुआ है वो सभी मुसलमान हैं। यही नहीं सूत्रों की माने तो मानपुर तहसील कार्यालय में नाम काटने को लेकर ऐसे और भी अन्य पंचायत क्षेत्रों से आवेदन लगे हैं जिनमें अधिकांश मुसलमान और ईसाई या मतांतरित लोग सुमार हैं।

ताजा मामला जिले के मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत फुलकोड़ों से सामने आया है। जहां ग्राम पंचायत क्षेत्र निवासी 6 व्यक्ति जो मुस्लिम हैं उनका नाम काटे जाने का आवेदन प्रशासन के समक्ष लगा है। और उक्त आवेदन में आवेदक ग्राम पंचायत फुलकोड़ों के सरपंच पुरुषोत्तम उषारे लिखा हुआ है। दूसरी ओर सरपंच पुरुषोत्तम उषारे ने इस बात से इंकार किया है कि उन्होंने इस तरह का कोई आवेदन लगाया है। सरपंच ने मानपुर SDM के समक्ष लिखित में ज्ञापन प्रस्तुत कर इस बात की शिकायत भी दर्ज कराई है कि उन्होंने नाम कटवाने को लेकर कोई आवेदन प्रशासन को प्रस्तुत नहीं किया है। यही नहीं सरपंच श्री उषारे ने सभी 6 मुस्लिम मतदाताओं के साथ आज 29 जनवरी को स्थानीय SDM अमित नाथ योगी से मुलाकात की। सरपंच समेत प्रभावित मुस्लिम व्यक्तियों ने SDM के सामने अपनी बात रखते हुए सूची से नाम नहीं काटने की याचना की। इस दौरान सरपंच ने बताया कि इन 6 व्यक्तियों का नाम हटाने को लेकर उनके नाम से जो आवेदन लगा है उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है बल्कि उनके नाम का दुरुपयोग कर किसी ने फर्जी आवेदन लगाया है।

SDM ने इस मुलाकात के दौरान सरपंच व संबंधित व्यक्तियों को SIR प्रक्रिया की जानकारी देते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि बिना सुनवाई प्रक्रिया के उनका नाम नहीं कट सकता। SDM के इस आश्वासन के बाद बाद सरपंच व प्रभावित मतदाता व्यक्ति स्थानीय तहसीलदार के पास भी पहुंचे तथा लिखित ज्ञापन प्रस्तुत कर तहसीलदार के समक्ष भी उन्होंने अपनी बात रखी।

SDM और तहसीलदार को सौंपा गया ग्राम पंचायत का प्रस्ताव

आज 29 जनवरी को SDM दफ्तर पहुंचे सरपंच श्री ऊषारे अपने साथ ग्राम पंचायत में किए गए प्रस्ताव की कॉपी अपने साथ लेकर आए थे, जिससे उन्होंने SDM को अवगत कराया। ग्राम पंचायत द्वारा जारी उक्त प्रस्ताव में उक्त 6 व्यक्तियों जो कि मुस्लिम धर्मावलंबी है के वर्तमान में यहां निवासरत होने के तथ्य उल्लेखित हैं।

इस पूरे मामले में सूत्र बताते हैं कि मानपुर तहसील कार्यालय में लोगों के नाम काटने को लेकर और भी कई आवेदन अन्य क्षेत्रों से भी लगे है। इन आवेदनों में मुसलमान और ईसाई अथवा मतांतरित लोग शामिल हैं। सोशल मीडिया में भी ये पूरा मामला वायरल है।

बीजेपी-आरएसएस धार्मिक ध्रुवीकरण के लिए मुसलमान-ईसाई समुदाय के लोगों का नाम काटना चाह रही – कांग्रेस

मामले में जिला कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता देवानंद कौशिक ने कहा कि भाजपा शासन में एसआईआर का तात्पर्य मतदाता सूची को त्रुटि-मुक्त बनाना नहीं अपितु राजनीतिक हित साधने के लिए गैर भाजपाई मतदाताओं का नाम काटना है। भाजपा और आरएसएस धार्मिक ध्रुवीकरण करने के लिए ईसाई एवं मुसलमान (अल्पसंख्यक) समुदाय के लोगों के नाम कटाना चाह रही है। इसके लिए शासन और प्रशासन दोनों प्रमुखता से सक्रिय है। भाजपा शासन चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सीधा प्रहार कर रही है। भाजपा चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्था का मजाक बना रही है जिसका हम पुरजोर विरोध करेंगे। भाजपा समर्थित पदाधिकारियों के द्वारा नाम कटाने के लिए फॉर्म 7 भरना शासन के नियत पर बड़ा सवाल है।

SDM का बयान

एसडीएम मानपुर अमित नाथ योगी ने कहा कि इस संबंध में अभी केवल आवेदन प्राप्त हुए हैं। अभी प्रक्रिया शेष है। आगे सुनवाई की प्रक्रिया होनी है। उक्त सुनवाई में पहुंचकर संबंधित व्यक्ति इस मामले में अपना कथन रख सकते है। सुनवाई प्रक्रिया के बाद ही यथोचित अंतिम निर्णय होगा।

प्रभावित मतदाता का बयान

ग्राम पंचायत फुलकोड़ों के प्रभावित मतदाता सैय्यद मोहम्मद अली ने बताया कि हम सभी लोग अपने मोहल्ले, पंचायत में सभी लोग भाईचारे से रहते हैं। लेकिन हम 6 मुसलमान ही क्यों इसमें निकले। हमने आज एसडीएम को अपनी आपबीती बताई है तथा तहसीलदार के समक्ष अपना कथन प्रस्तुत किया है। सरपंच भी साथ में थे। सरपंच तो बता रहे हैं कि ये आवेदन फर्जी है। लेकिन FIR दर्ज करेंगे तब पता चलेगा कि कहां से फर्जी है। हमें इसकी जानकारी चाहिए ताकि सरपंच हमारी नजर से बदनाम न रहे।

मेरे नाम का हस्ताक्षर फर्जी है – सरपंच

ग्राम पंचायत फुलकोड़ों के सरपंच पुरुषोत्तम उषारे ने कहा कि मेरे नाम को बदनाम करने के लिए आवेदन दिए है, इसके बारे में मुझे कुछ पता नहीं है। ये लोग जो मेरे साथ यहां आए हैं वो मेरे गांव के लोग हैं। इनका नाम काटने के लिए आवेदन डाला गया है जबकि ये हमारे गांव के लोग हैं। 6 लोगों का नाम काटने का फार्म भरा गया है ये सभी मुसलमान भाई हैं। ये फर्जी किया गया है, मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मेरे नाम का हस्ताक्षर जो किया गया है वो फर्जी है। एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि नाम नहीं कटेगा। तहसीलदार को भी हमने अपना कथन दिया है। उससे पहले एसडीएम को भी अपना कथन दिया हूं। थाने में सूचना दिया हुं। मेरे नाम का दुरुपयोग हुआ है ईसकी जांच कराना चाहता हूं। एफआईआर दर्ज कराना चाहता हूं।