लुधियाना/फतेहगढ़ साहिब। पंजाब की पंथिक राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब शिरोमणि अकाली दल (पुनर्जीवित) के वरिष्ठ नेता और SGPC सदस्य करनैल सिंह पंजोली ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। पंजोली के इस औचक फैसले के बाद पार्टी बैकफुट पर आ गई है और 25 फरवरी को होने वाली राज्य स्तरीय बड़ी रैली को भी रद्द करना पड़ा है।

करनैल सिंह पंजोली ने अपने आधिकारिक फेसबुक पोस्ट के जरिए इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को गांव हवारा कलां में बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर हुए पंथिक इकट्ठा (धार्मिक सभा) के दौरान कुछ ऐसी घटनाएं घटीं, जिनसे उन्हें गहरा सदमा पहुंचा है। पंजोली ने संकेत दिया कि पंथिक मुद्दों पर एकजुटता और अनुशासन की कमी के कारण वे अब इस गुट के साथ काम करने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं।

पंथिक एकता में दरार?

सूत्रों के मुताबिक, हवारा कलां की बैठक में अनुशासन को लेकर तीखी नोकझोंक हुई थी, जिसने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया। पंजोली जैसे कद्दावर चेहरे का पार्टी छोड़ना पुनर्जीवित धड़े के भविष्य पर सवालिया निशान लगा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक रैली रद्द होने का कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों ने इसकी पुष्टि कर दी है।