पटना। आज देशभर में मकर संक्रांति का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन स्नान, दान, धार्मिक अनुष्ठान और मंत्र जाप के लिए पूरे दिन पुण्यकाल माना गया है। मकर संक्रांति पर सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे सूर्य का दक्षिणायन समाप्त होकर उत्तरायण आरंभ होता है। इसी के साथ सनातन धर्म में सभी शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है।
अनुराधा नक्षत्र और सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग का संयोग
इस वर्ष मकर संक्रांति पर अनुराधा नक्षत्र के साथ अति शुभकारी सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ऐसे योग में किए गए धार्मिक कार्यों का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है, जिससे इस पर्व की महत्ता और भी अधिक हो गई है।
23 साल बाद संक्रांति पर षटतिला एकादशी
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक माघ कृष्ण एकादशी यानी षटतिला एकादशी का संयोग 23 साल बाद मकर संक्रांति के दिन बन रहा है। इस अवसर पर गंगा स्नान, सूर्य को जल अर्पण, आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ, विष्णु पूजन, सत्यनारायण कथा, विष्णु सहस्त्रनाम और वेद मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना गया है। साथ ही अन्न, घी, तिल, फल, ऊनी वस्त्र और अन्य द्रव्यों का दान उत्तम रहेगा।
सीएम नीतीश समेत नेताओं ने दी शुभकामनाएं
मकर संक्रांति के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने भी इसे स्वास्थ्य, ऊर्जा, धर्म और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक पर्व बताते हुए प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
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