गर्मी के मौसम में जिस चीज का लोगों को सबसे ज्यादा इंतजार वो है वो है मीठे-मीठे रसीले आम. आम ऐसा दो है जिसका स्वाद हर किसी को दीवाना बना देता है, और इसलिए तो इसे फलों का राजा कहा जाता है. लेकिन आजकल बाजार में जल्दी आने वाले आम अक्सर प्राकृतिक तरीके से नहीं, बल्कि केमिकल्स से पकाए जाते हैं. ऐसे आम दिखने में आकर्षक होते हैं, लेकिन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. आइए समझते हैं कि केमिकल से पके आम और प्राकृतिक (नेचुरल) आम की पहचान कैसे करें.

केमिकल से पके आम की पहचान

  • बहुत चमकीला और एक जैसा पीला रंग
केमिकल (जैसे कैल्शियम कार्बाइड) से पकाए गए आम अक्सर ऊपर से एकदम पीले दिखते हैं, लेकिन अंदर से कच्चे हो सकते हैं.
  • सख्त या कच्चा गूदा
बाहर से पका दिखेगा, लेकिन काटने पर गूदा सख्त और कम मीठा होगा.
  • गंध (Smell) की कमी
ऐसे आमों में प्राकृतिक खुशबू नहीं होती या बहुत हल्की होती है.
  • छिलके पर दाग या पाउडर जैसा अवशेष
कई बार छिलके पर सफेद या धूसर पाउडर जैसा दिख सकता है—ये केमिकल का असर हो सकता है.
  • जल्दी खराब होना
ये आम जल्दी सड़ जाते हैं या अंदर से काले पड़ सकते हैं.

प्राकृतिक रूप से पके आम की पहचान

  • रंग में हल्का फर्क 
नेचुरल आम पूरी तरह एक जैसे पीले नहीं होते—कहीं हल्का हरा या नारंगी भी हो सकता है.
  • मीठी और तेज खुशबू
असली पके आम की खुशबू दूर से ही महसूस होती है.
  • हल्का नरम 
दबाने पर आम थोड़ा नरम लगेगा, लेकिन ज्यादा दबा हुआ नहीं.
  • रसदार और मीठा स्वाद
काटने पर गूदा पीला, मुलायम और बहुत मीठा होता है.
  • डंठल (stem) के पास गंध
डंठल के पास सूंघने पर तेज मीठी खुशबू आती है.

सेहत के नुकसान (केमिकल वाले आम)

  1. गले में जलन.
  2. पेट दर्द या गैस.
  3. उल्टी या दस्त.
  4. लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं.

खरीदते समय क्या सावधानी रखें

  1. बहुत जल्दी (अप्रैल की शुरुआत में) आए आम खरीदने से बचें
  2. भरोसेमंद दुकानदार से ही लें.
  3. घर लाकर अच्छे से धोकर ही खाएं.
  4. शक हो तो आम को कुछ देर पानी में भिगोकर रखें.