Manipur Violence: मणिपुर में जारी कुकी और मैतेई समुदाय की हिंसा खत्म करने आज केंद्रीय गृह मंत्रालय में अहम बैठक होने जा रही है. राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद दोनों समुदायों के बीच 13 बार बातचीत की गई है. केंद्र सरकार मणिपुर में जारी हिंसा को समाप्त करने का रास्ता खोजने के लिए काम कर रही है. आज की बैठक शांति स्थापना के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें दोनों समुदायों के प्रतिनिधि और अधिकारी हिंसा को खत्म करने के रास्ते खोजेंगे.
श्रीलंका में PM मोदी का शानदार स्वागत, दिया गार्ड ऑफ ऑनर, कई समझौतों पर लग सकती है मुहर
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में दावा किया कि पिछले 4 महीनों से मणिपुर में शांति का माहौल है. राज्य में पूर्ण रूप से शांति बहाल करने के लिए आज (4 अप्रैल) को गृह मंत्रालय में मैतेई और कुकी समुदाय के साथ ही अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है.
Trump Tariff: अमेरिका में बढ़ा टैरिफ, अब NRI दोस्त भारत से iPhone मंगवाने की करेंगे फरमाइश…
राज्य में जातीय हिंसा को खत्म करने के लिए सरकार की तरफ से हाल के दिनों के कई कदम उठाए गए हैं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण कदम राष्ट्रपति शासन को माना जा रहा है. मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद मैतेई और कुकी दोनों कम्युनिटी के बीच 13 बार बातचीत की गई है. यही कारण है कि यह बड़ी बैठक होने जा रही है.
बता दें कि गृह मंत्रालय की तरफ से आयोजित बैठक में मैतेई समाज, कुकी समाज के नुमाइंदे और गृह मंत्रालय के आला अधिकारी (खासकर खुफिया विभाग के अधिकारी) शामिल होंगे, जिसमें कई मुद्दों पर बातचीत की जाएगी.
वक्फ बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती: बिहार के कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने दायर की याचिका
गृहमंत्री ने संसद में दी जानकारी
गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा में मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे दोनों सदन से मंजूरी मिल गई. शाह ने लोकसभा में कहा- दिसंबर से मार्च तक बीते चार महीनों से मणिपुर में कोई हिंसा नहीं हुई है. राहत कैंपों में खाने-पीने, दवाइयों और मेडिकल सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं.
2023 में शुरू हुई हिंसा
आपको बता दें कि मणिपुर में 3 मई, 2023 को मैतेई को एसटी का दर्जा दिए जाने के खिलाफ ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन मणिपुर की तरफ से विरोध प्रदर्शन के बाद मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय संघर्ष शुरू हो गया. चुराचांदपुर और बिष्णुपुर जिलों के पास हिंसा बढ़ गई. कुकी समुदाय ने इस मांग का विरोध किया, उन्हें डर था कि इससे उनके मौजूदा आदिवासी अधिकारों और भूमि स्वामित्व पर असर पड़ेगा. इसके बाद शुरू हुई हिंसा में कई लोगों की मौत हुई.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक