बेतिया। जिले में चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। नवलपुर थाने में एक ठेकेदार की शिकायत पर मनीष कश्यप और उनके सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान रंगदारी न देने पर पुल निर्माण में धांधली का फर्जी वीडियो बनाकर काम रुकवाने की धमकी दी गई।
चुनाव के समय चंदे से शुरू हुआ विवाद
विवाद की जड़ें विधानसभा चुनाव के समय से जुड़ी हैं। उत्तर प्रदेश के ठेकेदार त्रिभुवन नारायण सिंह का आरोप है कि मनीष कश्यप ने अपने गुर्गों के जरिए उनसे 10 लाख रुपये के चंदे की मांग की थी। ठेकेदार द्वारा रकम देने से इनकार करने के बाद से ही विवाद गहराता चला गया। आरोप है कि इसी रंजिश के कारण उनके निर्माण कार्यों को निशाना बनाया जाने लगा।
पुल निर्माण स्थल पर हंगामा और धमकी
शिकायत के अनुसार, बीते 16 मार्च को मनीष कश्यप अपने समर्थकों के साथ मनुआपुल-रतवल मार्ग पर स्थित चमैनिया पुल के निर्माण स्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने काम में गड़बड़ी का दावा करते हुए वीडियो बनाया। ठेकेदार का कहना है कि यह वीडियो फर्जी था और मनीष ने वहां गाली-गलौज करते हुए काम बंद कराने की धमकी दी, ताकि दबाव बनाकर पैसे वसूले जा सकें।
मारपीट और रंगदारी का नया मोड़
20 मार्च को यह विवाद हिंसक हो गया। ठेकेदार के भतीजे संजीत कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि नवलपुर बाजार में रमेश यादव और अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की और एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
ठेकेदार पर भी केस
मामला केवल एकतरफा नहीं है। मनीष कश्यप के पक्ष से रमेश यादव की मां फुलेनी देवी ने ठेकेदार के खिलाफ क्रॉस FIR दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार के लोगों ने उनके परिवार के साथ मारपीट की, 2 लाख रुपये लूट लिए और जबरन कार में बैठाकर प्रताड़ित किया।
पुलिस की कार्रवाई
नवलपुर थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार के अनुसार, दोनों पक्षों की ओर से आवेदन प्राप्त हुए हैं और दोनों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस फिलहाल मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
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