बलात्कारियों को मिले सजा-ए-मौत, अमित जोगी ने सीएम को पत्र लिखकर कानून संशोधन के लिए विशेष सत्र बुलाने की मांग की

रायपुर- बलात्कारियों को सजा-ए-मौत दिए जाने की मांग को लेकर मारवाही विधायक अमित जोगी ने मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह को स्मरण पत्र लिखा है. अमित जोगी ने जनवरी 2018 में लिखे गए अपने पत्र का संदर्भ देते हुए कहा है कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक महिला अत्याचार के मामलों में छत्तीसगढ़ का देश में तीसरा स्थान है. इसका मुख्य कारण दुराचारियों के विरूद्ध मजबूत कानून का न होना है. पत्र में जोगी ने 26 नवंबर 2017 को सारंगढ़ में हुए सामूहिक बलात्कार के आरोपियों को जमानत मिलने का उदाहरण दिया था.
अमित जोगी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कठुआ औऱ उन्नाव में हुए दुष्कर्म के प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा है कि ऐसा सख्त कानून बनाया जाए, जिससे दुराचार के बारे में सोचकर भी लोगों की रूंह कांप जाए. जोगी ने मध्यप्रदेश और हरियाणा सरकारों द्वारा प्रस्तावित कानूनों का हवाला भी दिया है. उन्होंने लिखा है कि बीजेपी शासित दोनों ही राज्यों में दुराचार के आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने के प्रावधान के लिए कानून प्रस्तावित है. इतना ही नहीं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी और छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने भी 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की है.
जोगी ने मुख्यमंत्री को लिखा है कि छत्तीसगढ़ की माताओं, बहनों और बेटियों की मुख्यमंत्री से यह अपेक्षा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिशीघ्र छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाकर विधेयक पेश किया जाए जिसके तहत छत्तीसगढ़ की वर्तमान दंड विधि में संशोधन करते हुए महिला दुराचार के आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने का प्रावधान हो. अमित जोगी ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री इस विषय को तत्काल संज्ञान में लेकर बहनों और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे.

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