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अभिषेक कुमार झा, सुपौल. जिले के छातापुर प्रखंड के झखाड़गढ पंचायत में डीजे और नाच-गाने वाली शादियों के खिलाफ सख्त निर्णय लिया गया है. मरकजी जामा मस्जिद परिसर में ओलमा और अइम्मा फाउंडेशन के बैनर तले हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया है कि, अब ऐसी शादियों में कोई भी इमाम या मौलवी निकाह नहीं पढ़ाएंगे.
जनाजे में भी नहीं होंगे शामिल
बैठक में यह भी तय किया गया कि, अगर किसी शादी में डीजे और नाच-गाने का आयोजन किया गया, तो वहां इमाम और मौलवी निकाह पढ़ाने नहीं जाएंगे, न ही ऐसे घरों में किसी के जनाजे में शामिल होंगे. इतना ही नहीं, मिलादुन्नबी में भी ऐसे परिवारों को शरीक होने से रोका जाएगा.
तो मौलाना पर जुर्माना लगाएगी कमेटी
बैठक में मौजूद धर्मगुरुओं ने गांव के लोगों से भी अपील की कि वे ऐसी शादियों में शामिल न हों. साथ ही, यह भी तय किया गया कि यदि कोई बाहरी इमाम या मौलाना बिना इजाजत के निकाह पढ़ाएगा, तो उस पर कमिटी द्वारा जुर्माना लगाया जाएगा. यह सख्त फैसला झखाड़गढ पंचायत के मदनी मस्जिद और मरकजी जामा मस्जिद क्षेत्र में आने वाले गांवों में लागू होगा. पंचायत में इस निर्णय के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है.
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