दिल्ली में कूड़े और मलबे की समस्या के बीच नगर निगम (MCD) ने सफाई अभियान के तहत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। निगम ने एक महीने के विशेष अभियान में करीब 1.52 लाख मीट्रिक टन (1,52,000 टन) कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन (C&D) वेस्ट हटाया है। एमसीडी के मुताबिक, यह अभियान शहर के अलग-अलग इलाकों में चलाया गया, जहां निर्माण और तोड़फोड़ के मलबे को हटाकर सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को साफ किया गया। इस भारी मात्रा को समझने के लिए इसे आसान भाषा में कहा जाए तो यह करीब 30,000 हाथियों के वजन के बराबर मलबा है, जिसे एक महीने में हटाया गया है।

30000 हाथियों वाली बात समझिए

WWF India की रिपोर्ट के अनुसार एक एशियाई नर हाथी का वजन लगभग 3500 से 6000 किलोग्राम होता है। औसतन 5000 किलोग्राम (5 टन) मानें, तो दिल्ली में हटाया गया कुल मलबा लगभग 30,000 हाथियों के वजन के बराबर बैठता है। दरअसल, इस सफाई अभियान के तहत MCD ने खुद 79,406 टन मलबा हटाया, जबकि अन्य विभागों ने मिलकर 72,737 टन मलबा उठाया। इस तरह कुल मिलाकर 1,52,143 टन मलबा साफ किया है।

MCD ने बताया कैसे चला अभियान?

MCD द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, 6 मार्च से 31 मार्च तक चले इस विशेष सफाई अभियान में दिल्ली के सभी 12 जोनों को कवर किया गया। अभियान के दौरान सड़कों, नालों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा मलबे को हटाने पर खास फोकस रखा गया। इस दौरान रोजाना औसतन करीब 6,100 टन मलबा उठाया गया, जो जनवरी में उठाए गए 3,500 टन प्रतिदिन के मुकाबले काफी ज्यादा है। यह बढ़ोतरी अभियान की रफ्तार और प्रभावशीलता को दर्शाती है।

सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर जोन में करीब 50 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की गई। साथ ही JCB, लोडर और हाईवे मशीनों जैसी भारी मशीनरी का इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर मलबा हटाने का काम तेज किया गया।

इस अभियान के दौरान करीब 7,200 से 7,500 ट्रकों के जरिए मलबा हटाया गया और 1,600 से ज्यादा लोकेशनों को कवर किया गया। MCD के अनुसार, राजधानी के 250 वार्डों में यह व्यापक सफाई अभियान चलाया गया, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में जमा मलबे को बड़े पैमाने पर हटाया जा सका। MCD ने स्पष्ट किया है कि लोगों को मलबे के निपटान को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। हटाए गए मलबे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करने के लिए विभिन्न C&D (Construction & Demolition) प्लांट्स पर भेजा गया है। ये प्लांट रानी खेड़ा, शास्त्री पार्क, बुराड़ी और बक्करवाला में स्थित हैं। इसके अलावा, छोटे-छोटे अवैध रूप से डाले गए मलबे को वार्ड स्तर पर ऑटो-टिपर्स के जरिए उठाया गया और करीब 125 कलेक्शन सेंटरों के माध्यम से प्रोसेसिंग प्लांट्स तक पहुंचाया गया।

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