शिवम मिश्रा, रायपुर। मेडिकल बुलेटिन में आज कोरोना वायरस के आँकड़े, भारत में बढ़ती संख्या, मास्क न लगाने पर 1 लाख तक जुर्माना, दुर्ग जिले में ट्रायल, सहकारिता मंत्री संक्रमित, टी-20 स्थगित जैसी ख़बरें शामिल हैं. पूरी ख़बर चंद मिनट में नीचे लिंक क्लिक कर देखिए.

विश्वभर में बढ़ता कोरोना संक्रमण

कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा कहर दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका में बरपाया है. यही नहीं दुनिया में सबसे तेजी से कोरोना संक्रमितों की संख्या भी अमेरिका में ही बढ़ रही है. पिछले 24 घंटे में 71 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं और 1 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है. 29 मई के बाद पहली बार अमेरिका में एक दिन में 1200 से ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं. यहां अबतक कुल 41 लाख से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और 1 लाख 46 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
एक दिन में कोरोना के 45 हजार केस

भारत में कोरोना हर रोज नए रिकॉर्ड बना रहा है. पिछले 24 घंटे में कोरोना के 45 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं और 1 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई है. एक दिन में सामने आने वाले केस और मौत का यह रिकॉर्ड है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब देश में कोरोना मरीजों की संख्या 12 लाख 38 हजार के पार हो गई है. बता दे की कोरोना से अब तक 29 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. देश में एक्टिव केस की संख्या 4 लाख 26 हजार के पार है. राहत की बात है कि कोरोना से अब तक 7 लाख 82 हजार  से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं. बीते 24 घंटे में कोरोना के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में सामने आए हैं.मास्क न पहनने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना

कोरोना संकटकाल के दौरान सरकार अलग-अलग नियमों के जरिए लोगों को इस महामारी से बचाने की कोशिश कर रही हैं, तो वहीं कई राज्यों में कड़े नियम बनाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में झारखंड को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. झारखंड में मास्क न पहनने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है और 2 साल की जेल भी हो सकती है. झारखंड कैबिनेट ने संक्रामक रोग अध्यादेश 2020 पास कर दिया है जिसके तहत ये नियम लागू किया गया है. झारखंड में भी कोरोना से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है जिसे देखते हुए राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने ये फैसला लिया है.

यूरो टी-20 स्लैम 2021 तक स्थगित

कोरोना वायरस की वजह से क्रिकेट टूर्नामेंट का रद्द होना जारी है. कोविड-19 के खतरे को देखते हुए यूरो टी-20 स्लैम को 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. यूरो टी-20 स्लैम का पहला सीजन इसी साल खेला जाना था. लीग के आयोजकों, वित्तीय समर्थक, आयरलैंड, स्काटलैंड, नीदरलैंड्स के क्रिकेट बोर्ड के बीच इसे 2020 में कराने को लेकर सकारात्मक बातें चल रही थी. लेकिन काफी कोशिशों के बाद आयोजन संभव नहीं हो सका. कोविड-19 से जुड़ी अनिश्चित्ता, अंतर्राष्ट्रीय यातायात, क्वारंटीन जरूरतें और दर्शकों के मैदान में आने को लेकर असमंजस के चलते बोर्ड ने इसे अगले साल तक टालने का फैसला किया है. हालांकि यह दूसरा मौका है जब यूरो टी-20 स्लैम को टाला गया है. यूरो टी-20 स्लैम पिछले साल अगस्त में शुरू होना था लेकिन इसे किन्हीं कारणों से 2020 तक के लिए टाल दिया गया था. हाल ही में ट्वेंटी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप को भी कोरोना वायरस की वजह से एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया.

सहकारिता मंत्री कोरोना संक्रमित

मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया अब कोरोना की चपेट में आ गये है. अरविंद भदौरिया को उनके समर्थकों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाना भारी पड़ गया है. कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें उपचार के लिए राजधानी के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है. हालांकि अभी तक औपचारिक तौर पर किसी ने इसकी पुष्टि नही की है. बताया गया कि अरविंद भदौरिया को भोपाल पहुंचने पर कुछ दिक्कत महसूस हुई तो उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया. इसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में दाखिल कराके उपचार शुरू किया गया और उनके परिजनों का भी सैंपल लिया गया. संतोष की बात ये है कि इनमें से कोई संक्रमित नही पाया गया. सबकी रिपोर्ट निगेटिव आई.
दुर्ग जिले में ट्रायल बेस पर शुरु हुई प्रक्रिया
छत्तीसगढ़ में भी दिल्ली के तर्ज पर बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों को होम आइसोलेशन पर डॉक्टरों की निगरानी में रहने की अनुमति दे दी गई है. दुर्ग जिले में ट्रायल बेस पर आईसोलेशन की प्रक्रिया शुरू की गई है. दुर्ग में सफलता मिलने पर अन्य जिलों को अनुमित दी जाएगी. यह फैसला प्रदेश में बढ़ते मरीजों की संख्या देखते हुए बेड की कमी को दूर करने के लिए लिया गया है. राज्य कोरोना कंट्रोल एवं डिमांड डेस्क के पीआरओ डॉ. सुभाष पांडेय ने बताया कि प्रदेश में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. इसके मद्देनजर सुविधा के लिए होम आईसोलेशन को विकल्प निकाला गया है. दुर्ग जिले में इसकी शुरूवात की गई है. इसके लिए मांपदंड बनाए गए हैं. मरीजों को होम में रखने के लिए पर्य़ाप्त व्यवस्था जैसे अलग शौचालय, अलग रूम, निरंतर निगरानी करने वाले व्यक्ति, डॉक्टरों के अनुसार दवा खाना की व्यवस्था के होने के बाद रखा जा रहा है. इस जिले में सफलता मिलने के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में अनुमति दी जाएगी.
देखिए पॉकेट बुलेटिन …
https://youtu.be/q-Wkf9hsono