राजधानी के साकेत इलाके में स्थित Apeejay School में एडमिट कार्ड को लेकर हुए हंगामे पर दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद (Ashish Sood) का बयान सामने आया है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विवाद नया नहीं बल्कि पिछले 5 साल से चला आ रहा है। उनके मुताबिक, समस्या का समाधान निकालने के बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया गया। मंत्री ने यह भी बताया कि मामले को सुलझाने के लिए स्कूल प्रशासन, संबंधित अधिकारियों और छात्रों के अभिभावकों को बुलाकर बैठक की गई, जिसके बाद समाधान निकाल लिया गया है।

आशीष सूद ने साकेत स्थित Apeejay School में एडमिट कार्ड विवाद पर कहा कि सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चे “हमारे अपने” हैं और सरकार उनकी पढ़ाई को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि कुछ परिवारों और स्कूल के बीच फीस को लेकर विवाद साल 2020 से चला आ रहा था और यह पांच वर्षों तक लंबित रहा। मंत्री ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के पास इस समस्या का समाधान निकालने के लिए पर्याप्त समय था, लेकिन इसे हल करने के बजाय राजनीतिक मुद्दा बनाया गया।

आशीष सूद ने यह भी कहा कि केवल “ऑप्टिक्स” के लिए स्कूल को सुबह सील किया गया, जिसे अदालत ने कुछ ही मिनटों में खुलवा दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि फीस वसूली के लिए किसी भी तरह के दमनकारी तरीके को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री के अनुसार, मामले को सुलझाने के लिए स्कूल प्रशासन, वरिष्ठ अधिकारियों और अभिभावकों की बैठक कर समाधान निकाल लिया गया है। उन्होंने कहा कि जो छात्र परीक्षा देने जा रहे हैं, उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और सभी बच्चों को शुभकामनाएं दीं।

AAP का क्या आरोप?

सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में एडमिट कार्ड और फीस विवाद को लेकर सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राइवेट स्कूलों ने पिछले साल 1 अप्रैल से फीस में 50 से 80 फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी, जबकि भाजपा सरकार ने बढ़ी हुई फीस वापस कराने के लिए कानून लाने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।

भारद्वाज ने कहा कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से ठीक पहले कई छात्रों को रोल नंबर लेने के लिए घंटों स्कूलों के बाहर इंतजार करना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्कूल अभिभावकों को धमकी दे रहे थे कि यदि बढ़ी हुई फीस जमा नहीं की गई तो बच्चों को परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा। प्रभावित छात्रों में एक राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी भी शामिल होने का दावा किया गया। प्रदर्शन में शामिल अभिभावकों में से एक अजित अवस्थी ने कहा कि उनके बच्चे की गणित की परीक्षा थी, लेकिन उसे एडमिट कार्ड नहीं मिला था। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश खुराना ने कहा कि आम आदमी पार्टी सत्ता से बाहर होने के बाद जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं कर पा रही है और इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने की कोशिश कर रही है।

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