नितिन नामदेव, रायपुर। राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने मंगलवार को संवाद भवन में प्रेसवार्ता आयोजित कर अपने विभागों की दो साल की उपलब्धियां गिनाई। मंत्री टंकराम ने बताया, वर्ष 2023-24 में उच्च शिक्षा विभाग का बजट 1212.75 करोड़ था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1822.75 करोड़ हो गया है। इस तरह 50 प्रतिशत की वृध्दि की गई थी।

मंत्री वर्मा ने बताया, सत्र 2024-25 से प्रदेश के 09 राजकीय विश्वविद्यालयों में से 07 विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का क्रियान्वयन किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत 42 स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (जैसे गार्डनिंग, मल्टीमीडिया एवं एनिमेशन), 108 जेनेरिक इलेक्टिव कोर्स एवं एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स का निर्माण किया गया है। इसके अंतर्गत शोध, गुणवत्ता एवं इन्डस्ट्री कोलेबोरेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रुसा कार्यालय में 2 सदस्यीय रिसर्च क्वालिटी इण्डस्ट्रियल एकेडमिया कोलेबोरेशन सेल (RQIACC) का गठन किया गया है। इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा के विषयों को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया है।

उन्होंने बताया, वर्ष 2025 में 366 सहायक प्राध्यापकों को पदोन्नत प्राध्यापक के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। साथ ही 151 स्नातक प्राचार्य एवं 07 स्नातकोत्तर प्राचार्यों के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के 595 पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया आरंभ की गई है। इसके अलावा इस वर्ष सहायक प्राध्यापक के 625, ग्रंथपाल के 50 एवं क्रीडाधिकारी के 25 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ है। प्रयोगशाला तकनीशियन के 233 पदों पर भर्ती की गई है। प्रयोगशाला परिचारक के 430 पदों पर व्यापम द्वारा परीक्षा आयोजित की गई एवं परीक्षा परिणाम जारी हो चुका है। वर्तमान में भर्ती प्रक्रियाधीन है।

मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया, शासकीय महाविद्यालयों के 474 सहायक प्राध्यापकों को वरिष्ठ वेतनमान प्रदान किया गया है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कुल 324 कर्मचारियों को उच्चतर समयमान वेतनमान प्रदान किया गया है। प्रदेश के कुल 343 शासकीय महाविद्यालयों में से 254 महाविद्यालय नैक मूल्यांकन के लिए पात्र है, जिसमें से 200 महाविद्यालयों का नैक से मूल्यांकन हो गया है। प्रदेश के 09 राजकीय विश्वविद्यालयों में से 05 विश्वविद्यालयों का नैक से मूल्यांकन हो गया है। प्रदेश के 02 राजकीय विश्वविद्यालय, 01 निजी विश्वविद्यालय एवं 01 शासकीय महाविद्यालय को नैक द्वारा A+ ग्रेड प्राप्त है। प्रदेश के 02 निजी विश्वविद्यालय, 02 शासकीय महाविद्यालय, एवं 08 निजी महाविद्यालय को नैक द्वारा A ग्रेड प्राप्त है।

उन्होंने बताया, महाविद्यालयों में अध्ययन व्यवस्था को सुचारु रुप से संचालित करने प्रदेश के महाविद्यालयों में नवीन अतिथि व्याख्याता नीति-2024 का क्रियान्वयन किया गया है। वर्तमान सकल नामांकन अनुपात (GER) 27.5 प्रतिशत को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में वर्ष 2035 तक 50 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। सकल नामांकन अनुपात (GER) बढ़ाने हेतु पोषक शाला संपर्क अभियान चलाया गया है। प्रदेश में सत्र 2024-25 एवं 2025-26 में 8 नवीन शासकीय एवं 11 नवीन अशासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किये गये।

मंत्री वर्मा ने बताया, पीएम-उषा भारत सरकार की योजना के अंतर्गत बहु संकायी शिक्षा एवं शोध विश्वविद्यालय (MERU) के रूप में शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर को विकसित करने 100 करोड़ का अनुदान दिया गया है। पीएम उषा के अंतर्गत ही पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर तथा अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर तथा पं. सुन्दरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर को 20-20 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया गया है। पीएम-उषा योजना के अंतर्गत ही प्रदेश के 12 महाविद्यालयों को सुदृढीकरण के लिए 5-5 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया गया है।

उन्होंने बताया, प्रदेश में राष्ट्रीय सेवा योजना की कुल अनुदानित इकाईयों की संख्या 1083 एवं स्ववित्तीय इकाईयों की संख्या 15 है। वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्रीय पुरस्कार राज्य के 02 स्वयं सेवक छात्राओं को प्राप्त हुआ है। वर्ष 2025-26 में राज्य के 01 कार्यकम अधिकारी एवं 01 स्वयं सेवक छात्रा को राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्रीय पुरस्कार की प्राप्ति हुआ है। सत्र 2024-25 में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कुल विद्यार्थियों की संख्या 2,95,743 है। इनमें से 2,44,072 विद्यार्थी स्नातक स्तर पर एवं 51,671 स्नातकोत्तर स्तर पर अध्ययनरत है। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के सभी संकायों के स्नातक प्रथम वर्ष में कुल 1,46,492 सीटें हैं। राज्य की नीति के अनुरुप विभाग द्वारा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को त्वरित एवं पारदर्शी बनाने ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है।

मंत्री वर्मा ने बताया, छात्रवृत्तियों का वितरण NSP पोर्टल से किया जा रहा है। केन्द्र सरकार की योजना ONOS (One Nation One Subscription) एवं NDLI (National Digital Library of India) क्लब के माध्यम से प्रदेश के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को डिजीटल अध्ययन एवं शोध सामग्री उपलब्ध कराया जा रहा है।

जानिए आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना

मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया GATI (गुड गवर्नेस, एक्सेलरेटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री) पर जोर देने छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन योजना तैयार कर वर्ष 2025-26 के बजट में 50 करोड़ रु. रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के महाविद्यालयों में संरचनात्मक एवं गुणात्मक वृध्दि तथा प्राध्यापकों को शोध के क्षेत्र में प्रोत्साहन देने के लिए सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस योजना एवं राज्य रिसर्च एवंइनोवेशन योजना (शोध प्रोत्साहन) प्रारंभ की गई है। कौशल विकास के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठानों से MOU किया जा रहा है। अब तक नंदी फाउंडेशन एवं नेसकॉम से अनुबंध हो चुका है। रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों/ विषयों (इलेक्ट्रॉनिक्स, सेरिकल्चर, फिशरीज, टसरटेक्नॉलॉजी आदि) का अध्यापन आरम्भ किया जा रहा है।

उन्होंने बताया, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में नियुक्ति प्रदान किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। कौशल विकास विभाग एवं तकनीकी विभाग से एमओयू कर कौशल/उद्यमिता आधारित पाठ्यचर्याओं को संचालित कर स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। औद्यागिक प्रतिष्ठानों एवं शैक्षणिक संस्थानों के मध्य सहयोगात्मक समन्वय स्थाापित कर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। चार वर्षीय बीएड/आईटीईपी एवं बीपीएड आदि पाठ्‌यक्रम का संचालन किया जाना है।

जमीन से जुड़े काम के लिए अब तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं

मंत्री वर्मा ने बताया, जमीन से जुड़े किसी भी काम के लिए अब तहसील कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। भूमि व्यपर्तन की प्रक्रिया के लिए 2 करोड़ रुपए का प्रावधान है। पूर्व सरकार द्वारा बेची गई सरकारी जमीन की जांच जारी है। तहसीलदार के 30 और नायब तहसीलदार के लिए 15 नए पदों की स्वीकृत की गई है। राजस्व प्रकरणों में सुधार के लिए तहसीलदार को अधिकार दिया गया है। अवैध कालोनी रोकने 5 डिसमिल से कम भूमि के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। छत्तीसगढ़ जन आवास योजना के अंतर्गत TNC का पालन कर के अपनी जमीन बेच सकता है। हाउसिंग बोर्ड के लिए निर्माण के लिए जमीन देने का फैसला लिया गया है।

80 हजार हितग्राहियों को मिल चुका स्वामित्व कार्ड

उन्होंने आगे बताया, स्वामित्व कार्ड 80 हजार हितग्राहियों को मिल चुका है। 10 लाख हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड देने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के सभी तहसील कार्यालय में कंप्यूटर प्रिंटर के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राजस्व विभाग के रिक्त पदों को भरने के मुख्यमंत्री से चर्चा चल रही है। 2 साल राजस्व विभाग में बहुत से परिवर्तन लाए हैं। किसान ऋण पुस्तिका के लिए भटकते थे, जल्द ही उसका भी निराकरण किया जाएगा।