सत्या राजपूत, रायपुर. युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के दौरान बुधवार को रायपुर का दौरा किया है. इस दौरान उन्होंने यहां के माहौल को ऊर्जा, आशा और बदलाव से भरपूर बताया. उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में भारतीय खेल प्राधिकरण साई टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि एथलीटों, स्थानीय समुदाय और इस क्षेत्र के लोगों की ओर से मिली प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही है.

देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 2,500 से ज्यादा एथलीट अलग-अलग खेलों में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में हिस्सा ले रहे हैं. खडसे ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026, केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को दिखाता है, जिसके तहत आदिवासी युवाओं को अपना भविष्य बनाने के लिए एक मंच दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए यह खेल एक नई उम्मीद हैं. यह संकेत कि उनकी काबिलियत को पहचाना जा रहा है और उस पर सबसे ऊंचे स्तर पर निवेश किया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ की बदल रही पहचान

युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री ने कहा कि एक समय था, जब छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के लिए जाना जाता था और यहां के लोगों को एक पिछड़ा समुदाय से माना जाता था. आज मुझे लगता है कि इस क्षेत्र के लिए एक नई दिशा खुल रही है. नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है और खेल के माध्यम से इस धरती के युवा अब अपनी ऊर्जा और क्षमता को सामने ला सकते हैं. देश के लिए खेल सकते हैं.

खेल राज्य मंत्री ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 को एक ऐतिहासिक पहल बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन गृह मंत्री अमित शाह दिया, जिन्होंने पूरे देश से नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा की है. साथ ही कैबिनेट मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और पूरी साई टीम को उन्होंने श्रेय दिया. उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि इन खेलों में हिस्सा लेने वाले कई एथलीट आगे चलकर ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और पदक जीतेंगे.

युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने अस्मिता लीग के परिवर्तनकारी प्रभाव पर भी प्रकाश डाला. इस लीग को 2021 में प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन के तहत शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की महिलाओं को प्रतिस्पर्धी खेलों में लाना और उन्हें एक पहचान और अवसर प्रदान करना है.

युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में नतीजे जबरदस्त रहे हैं. हॉकी, वेटलिफ्टिंग और फुटबॉल में हिस्सा लेने वाली लगभग 60 से 70 प्रतिशत लड़कियां अस्मिता लीग खेल चुकी हैं और पदक जीत चुकी हैं. इनमें अंजली मुंडा जैसी बेहतरीन खिलाड़ी भी शामिल हैं. तैराकी में जीते गए सभी पांचों स्वर्ण पदक भी अस्मिता लीग की खिलाड़ियों ने ही हासिल किए हैं

उन्होंने कहा हमारा प्रयास जारी है कि हम अस्मिता लीग को और भी निचले स्तर तक यानी के गांवों तक ले जाएं ताकि खेलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती रहे.