राजधानी दिल्ली में अवैध शराब तस्करी के लिए अब नाबालिगों का इस्तेमाल किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुख्यात शराब तस्कर अब पुलिस की नजरों से बचने के लिए नाबालिगों को बाकायदा वेतन पर रखकर तस्करी का काम करवा रहे हैं। यह खुलासा बिंदापुर इलाके में अवैध शराब की तस्करी करते हुए पकड़े गए एक नाबालिग से पूछताछ के दौरान हुआ।

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए नाबालिग ने बताया कि उसे तस्करों द्वारा निश्चित रकम का लालच देकर शराब की सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि तस्कर जानबूझकर नाबालिगों को आगे करते हैं, ताकि पकड़े जाने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का खतरा कम रहे। पुलिस अब इस मामले को बाल अपराध और संगठित तस्करी नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।

1000 रुपये की दिहाड़ी पर रखा

बिंदापुर इलाके में पकड़े गए एक नाबालिग ने पुलिस को बताया कि कुख्यात शराब तस्कर सलमा ने उसे प्रतिदिन 1,000 रुपये के वेतन पर अवैध शराब बेचने के लिए रखा था। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह में कई अन्य नाबालिग भी शामिल हैं, जिन्हें तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने इस गंभीर मामले में केस दर्ज कर लिया है और गिरोह की सरगना सलमा की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस ने मौके से पकड़ा

पुलिस अधिकारी ने बताया कि बिंदापुर थाने में तैनात कांस्टेबल देवीलाल, बीट नंबर-7 में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान एक नागरिक ने उन्हें अवैध शराब की तस्करी के बारे में सूचना दी। सूचना मिलने के बाद कांस्टेबल मौके पर पहुंचे और देखा कि स्कूटी सवार एक शख्स किशोर को अवैध शराब से भरा थैला दे रहा था। पुलिसकर्मी को देख स्कूटी सवार वहां से फरार हो गया, जबकि किशोर थैला लेकर भागने लगा। कांस्टेबल ने उसका पीछा किया और वह किशोर एक घर में घुस गया। पुलिसकर्मी ने किशोर को दबोच लिया और घर से अवैध शराब से भरा थैला बरामद कर लिया।

नौकरी करने दिल्ली आया था

पकड़े गए नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वह राजस्थान का रहने वाला है। शराब तस्कर सलमा उसकी रिश्तेदार है। कम उम्र में ही नौकरी करने के लिए वह दिल्ली आया और सलमा ने उसे अपने पास काम पर रख लिया। उसका काम था शराब को बताए गए ठिकानों तक पहुंचाना। इसके एवज में उसे रोजाना 1,000 रुपये का वेतन मिलता था। किशोर ने यह भी बताया कि सलमा इस समय अपने गांव में है और अवैध शराब बेचकर जो भी पैसा मिलता था, वह सलमा तक पहुंचा देता था।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि अब सलमा की तलाश की जा रही है और साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि वह शराब कहां से लाती है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और आबकारी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है।

8 माह में किशोरों के खिलाफ 1110 केस दर्ज

बीते साल के पहले आठ महीनों में ही नाबालिगों के खिलाफ 1110 मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इन मामलों में सबसे अधिक चोरी के मामले थे, जिसमें 575 नाबालिगों को पकड़ा गया। इसके अलावा हत्या: 191 नाबालिग, हत्या का प्रयास: 288 नाबालिग, लूट और डकैती: 268 नाबालिग, दुष्कर्म: 101 नाबालिग, मारपीट: 220 नाबालिग पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों के इस तरह अपराधों में शामिल होने से सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है। अधिकारी विशेष अभियान चला रहे हैं, ताकि बच्चों और किशोरों को अपराध से दूर रखा जा सके और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों में शामिल किया जा सके।

कड़ी सजा का प्रावधान नहीं होना भी एक वजह

दिल्ली में नाबालिगों के तेजी से अपराध में शामिल होने की चिंता बढ़ती जा रही है। पुलिस के मुताबिक, गैंगस्टर और तस्कर नाबालिगों का इस्तेमाल वारदातों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। पुलिस अधिकारी यह भी बताते हैं कि इसका एक बड़ा कारण जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट में सख्त सजा का न होना है। ऑब्जर्वेशन होम में नाबालिगों को कड़े नियमों का सामना नहीं करना पड़ता, और उम्र के आधार पर उन्हें कड़ी सजा से बचाया जाता है।

सोशल मीडिया और नशे के चलते बन रहे अपराधी

दिल्ली पुलिस के अनुसार, नाबालिग अपराधियों में ज्यादातर स्कूल ड्रॉपआउट हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि कई बच्चे ड्रग्स की लत में फंसकर धीरे-धीरे अपराध की ओर बढ़ जाते हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया भी नाबालिगों पर गलत प्रभाव डाल रहा है। पुलिस ने बताया कि कुछ बच्चे सोशल मीडिया के जरिए अपने इलाके में दबदबा बनाने और गैंग सक्रिय रखने के लिए अपराध कर रहे हैं।

बीते साल नवंबर-दिसंबर में हुई घटनाएं

रोहिणी: एक सरकारी स्कूल के बाथरूम में चार छात्रों ने कथित तौर पर 11 साल के लड़के का यौन उत्पीड़न किया।

पूर्वी दिल्ली, शकरपुर मार्केट: एक नाबालिग ने 22 साल के युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी।

वजीराबाद: एक आदमी को परेशान करने और उससे रुपये ऐंठने के आरोप में पांच नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया।

हजरत निजामुद्दीन: एक कैब ड्राइवर की चार लोगों ने चाकू से हत्या की, जिसमें तीन नाबालिग शामिल थे।

कल्याणपुरी: पार्क के अंदर, नाबालिग और उसके 22 वर्षीय साथी ने मिलकर एक युवक को गोली मारी।

अन्य मामला: पांच नाबालिगों ने मिलकर 52 वर्षीय ऑटो चालक की लूट के दौरान चाकू से हत्या कर दी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग अपराधियों की यह हिंसक प्रवृत्ति, ड्रग्स, स्कूल ड्रॉपआउट, सोशल मीडिया के गलत प्रभाव और गैंगस्टर गिरोहों के असर के कारण बढ़ रही है। अधिकारी नाबालिग अपराधों की रोकथाम और सुधारात्मक कदम बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

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