राघव विज, अंबाला। हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बीच मिरी पिरी मेडिकल कॉलेज को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर अब सिख राजनीति गरमा गई है। जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल इस मामले में खुलकर सामने आए हैं और सिख संगत के बीच जाकर समर्थन जुटा रहे हैं। इसी कड़ी में आज जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल अंबाला पहुंचे, जहां उन्होंने सिख संगत के साथ एक अहम बैठक की।

बैठक के दौरान उन्होंने मिरी पिरी मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर अपनी बात रखी और संगत से समर्थन की अपील की। इसके बाद अंबाला में आयोजित प्रेसवार्ता में दादूवाल ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ एक संस्थान का नहीं, बल्कि सिख समाज की भावनाओं और अधिकारों से जुड़ा हुआ है।

दादूवाल ने साफ किया कि वह इस मुद्दे को लेकर प्रदेश भर में सिख संगत के बीच जाएंगे और उन्हें सच्चाई से अवगत कराएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक इस मामले का समाधान नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा हरजिंदर सिंह धामी की मौजूदगी में यह सब हुआ है वे उनकी शब्दावली की भी निंदा करते हैं यह पहली बार था। इसलिए वे जवाब नही दे रहे यदि यह दोबारा धामी की तरफ से हुआ तो 31 के 51 मोड़ने का काम करेंगे।

वहीं बेअदबी मामले पर सुखबीर बादल के उस ब्यान पर दादूवाल ने कड़ा एतराज जताया जिसमे सुखबीर बादल ने उन्हें मिली सजा को एजेंसियों की साजिश बताया था। दादूवाल ने कहा जबकि यह फैसला जत्थेदारों व 5 सिख साहिबान का था। इस मामले पर उन्होंने ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से संज्ञान लेने की मांग की। अब देखने वाली बात होगी कि इस विवाद का समाधान कैसे निकलता है और सिख समाज इस मुद्दे पर किसके साथ खड़ा होता है।