अमेरिका-इजराइल-ईरान तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट के पास एक LPG टैंकर में कप्तान वीरेंद्र विश्वकर्मा समेत 33 भारतीय क्रू फंसे हैं। जहाज के आसपास रोज मिसाइल और ड्रोन गतिविधि देखी जा रही है। टैंकर UAE के मीना साकर पोर्ट पर रुका है। क्रू सुरक्षित वापसी के लिए भारतीय नौसेना की मदद का इंतजार कर रहा है। दहिसर के रहने वाले कैप्टन वीरेंद्र विश्वकर्मा, यूनाइटेड अरब अमीरात के रास अल खैमाह में एक बड़े गहरे पानी वाले बंदरगाह, मीना सकर में युद्ध जैसे हालात के बीच फंसे हुए हैं। कैप्टन एक LPG टैंकर चला रहे हैं जिसमें भारी मात्रा में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस है, जिससे भारत में लगभग 36 लाख LPG सिलेंडर सप्लाई हो सकते हैं।

कुवैत से भारत आ रहा एक एलपीजी टैंकर होर्मुज स्ट्रेट के पास फंस गया है। इस टैंकर में सवार कप्तान वीरेंद्र विश्वकर्मा मुंबई के रहने वाले हैं। साथ ही इस टैंकर में 33 भारतीय चालक दल के सदस्य हैं, जो कि इस रणनीतिक जलमार्ग के पास 2 मार्च से फंसे हुए हैं। अब इन चालक दल के परिवार को सदस्यों ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

उन्होंने बताया कि शिप ने 2 मार्च को अपना सफर शुरू किया था। लेकिन, 28 फरवरी को ईरान और इजराइल के बीच जंग जैसा टेंशन बढ़ गया जिसमें अमेरिका भी शामिल था, जिसके बाद कई समुद्री रास्ते रोक दिए गए। इस वजह से, 200 से ज्यादा वेसल होर्मुज स्ट्रेट में फंस गए। जब कैप्टन विश्वकर्मा का शिप 2 मार्च को कुवैत से निकला, तो बाद में उसे आगे बढ़ने से रोक दिया गया और उसे मीना सकर के पास इंतजार करना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक, इस टैंकर को कुवैत के मीना अल अहमदी बंगरगाह से लोड किया गया था, जिसमें लगभग 36 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों को भरने के लिए पर्याप्त LPG सप्लाई है। यह वर्तमान में टैंकर वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह में स्थित मीना साकर बंदरगाह पर फंसा हुआ है। इस टैंकर को गुजरात के कच्छ जिले में स्थित दीनदयाल बंदरगाह पहुंचना था।

वीरेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि चालक दल के पास फिलहाल करीब 60 दिनों के लिए पर्याप्त खाद्य सामग्री है और जहाज का संचालक, जीईएसको, अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी लगातार उनकी मदद कर रही है और आश्वासन दिया है कि सभी लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए भारतीय नौसेना और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।

कैप्टन विश्वकर्मा की पत्नी निल्पा विश्वकर्मा, जो मुंबई में रहती हैं, उन्होंने कहा कि मैं प्रार्थना कर रही हूं कि मेरे पति और सभी क्रू मेंबर सुरक्षित भारत लौट आएं। हम सरकार से उनकी मदद करने की रिक्वेस्ट करते हैं। मैं अपने पति से हर दिन वीडियो और वॉइस कॉल के जरिए बात करती हूं। जहाज पर सिर्फ इंटरनेट कनेक्शन है, और कभी-कभी वह भी काम नहीं करता। निल्पा ने कहा कि मेरे दो छोटे बच्चे हैं। हम उनके पिता से हर दिन वीडियो कॉल के जरिए बात करते हैं और अपडेट लेते रहते हैं।

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