कुंदन कुमार/पटना। इंडियन एक्सक्लूसिव पार्टी के वरिष्ठ विधायक आई.पी. गुप्ता ने सदन में मुख्यमंत्री के हालिया व्यवहार और भाषा शैली पर गहरा ऐतराज जताया है। गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सदन के भीतर जिस तरह की शब्दावली का प्रयोग किया जा रहा है, वह किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। उन्होंने मर्यादा का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एक अत्यंत वरिष्ठ पद पर हैं और ऐसी भाषा उनकी गरिमा को शोभा नहीं देती।
बीजेपी पर साधा निशाना
विधायक ने मुख्यमंत्री के आक्रामक व्यवहार के पीछे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की बड़ी रणनीति का हाथ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी शुरू से ही यह चाहती है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर न रहें। गुप्ता के अनुसार, बीजेपी के नेता जानबूझकर सदन में मुख्यमंत्री को उकसाने का काम कर रहे हैं, ताकि वे अपना आपा खो दें और उनकी छवि धूमिल हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का हालिया बर्ताव इसी मानसिक दबाव और निरंतर उकसावे का परिणाम हो सकता है।
विपक्ष पर लगे आरोपों को किया खारिज
सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोपों पर सफाई देते हुए आई.पी. गुप्ता ने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहा। उन्होंने तर्क दिया कि विपक्ष की संख्या वैसे ही बहुत कम है, ऐसे में कार्यवाही रोकने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि असल मुद्दा जनहित के सवालों से बचना है।
कानून व्यवस्था पर सरकार से मांगा जवाब
गुप्ता ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने मांग की कि सरकार सदन में इधर-उधर की बातें करने के बजाय जनता के मूल मुद्दों पर जवाब दे। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि बिहार में अपराध का ग्राफ क्यों बढ़ रहा है और इसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि जनता सुरक्षा चाहती है और सरकार को इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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