Exclusive: मोदी सरकार ‘गणित’ में कमजोर या जानबूझकर छग के साथ कर रही ‘गणित’

गरीब बच्चों की पढ़ाई के राशि में केंद्र सरकार का डाका, शिक्षा के अधिकार के तहत खतरे में गरीब बच्चों की पढ़ाई, पिछले तीन सालों से केंद्र से नहीं मिला निजी स्कूलों को पूरा भुगतान

सत्या राजपूत. रायपुर. केंद्र की मोदी सरकार गणित में शायद कमजोर है या यू कहे कि प्रदेश के साथ जानबूझ कर गणित कर रही है. यदि आपको ये पूरा खेल समझना है तो शिक्षा के अधिकार के तहत केंद्र से आबंटन राशि औऱ भुगतान राशि के अंतर को समझना होगा.

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छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार शिक्षा के अधिकार के तहत पढ़ाई के लिए 60 प्रतिशत औऱ राज्य का 40 प्रतिशत होता है. लेकिन केंद्र सरकार पीछले तीन सालों में पूरा भुगतान नहीं किया है.

प्रदेश स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम ने लल्लूराम डॉट कॉम से खास बातचीत में बताया कि शिक्षा सत्र 2017-18 आबंटन था 35 करोड़ भुगतान हुआ 31.84 करोड़, सत्र 2018-19 में आबंटन 295 करोड़ मिला 140 करोड़ तो वहीं प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद के आंकड़े तो उंट के मुंह में जीरा के समान हो गया.  2019-20 में आबंटन 169.80 करोड़ मिला सिर्फ 49.49 करोड़. इस तरह तीन सालों में 499.80 करोड़ का आबंटन हुआ और सिर्फ 221.63 करोड़ मिला है.

तो वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब सभी राज्यों के साथ केंद्र की पीएबी की मीटिंग होती है तो आबंटन हो जाता है, लेकिन भुगतान के सालों चक्कर लगाना पड़ता है, भुगतान राशि और आबंटन राशि के अंतर के कारण कई सालों से स्कूलों का पूरा भुगतान नहीं हुआ है. यही कारण है कि निजी स्कूल प्रबंधक भी परेशान है और कई बार इसकी शिकायत कर चुके है.

 

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