सोहराब आलम, मोतिहारी। जहरीली शराब से हुई मौत और लोगों के बीमार होने के बाद मोतीहारी पुलिस ने शराब तस्कर और शराब माफियाओं के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। इसी कड़ी में हरसिद्धि के घिवाढार में शराब बेचने के आरोप में पकड़े गए वारंटी अच्छेलाल पासवान की सदर अस्पताल में इलाज के दौरान आज गुरुवार 9 अप्रैल को मौत हो गई।

परिजनों ने पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप

अच्छेलाल पासवान की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा करना शुरु कर दिया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर पैसे लेकर गड़बड़ी करने और बेहतर इलाज नहीं होने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों ने हरसिद्धि थाने के चौकीदार सुदामा राय पर 50,000 लेने और फिर पकड़वाने का आरोप लगाया है।

घटना पर एसडीएम का बयान

वहीं, घटना को लेकर एसडीएम निशांत सेहारा ने कहा कि, जहरीली शराब के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। इसी कड़ी में एक युवक अच्छेलाल पासवान को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उनकी तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि, पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम के बाद उनका शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

अब तक 10 लोगों के मौत की पुष्टि

बता दें कि जिले में बीते 1 अप्रैल से आज 6 अप्रैल तक जहरीली शराब का सेवन करने से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, दो दर्जन से अधिक लोग सदर अस्पताल से लेकर निजी अस्पताल में भर्ती है, जिनका इलाज जारी है। इनमें से कुछ के आंखों की रोशनी भी चली गई है। जहरीली शराब कांड को लेकर सियासत भी खूब देखने को मिल रही है। विपक्ष के नेता जहां मृतका के परिजनों से जाकर मुलाकात कर रहे हैं। वहीं, सत्ता पक्ष के नेता इस मामले से दूरी बनाए हुए हैं।

पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन जारी

बता दें कि जहरीली शराब कांड को लेकर पुलिस लगातार एक्शन ले रही है। पुलिस ने लगातार छापेमारी करते हुए अब तक इस मामले में खलीफा यादव और नागा यादव के साथ लगभग दर्जन भर शराब कारोबारियो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, बीते सोमवार (6 अप्रैल) को पुलिस की दबिश से परेशान होकर जहरीली शराब कांड के दो मुख्य सरगना सुनील शाह और कन्हैया यादव ने मोतिहारी न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।

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