सोहराब आलम/मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में फर्जी कागजात के आधार पर सरकारी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर मोतिहारी सदर एसडीएम और साइबर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिससे साइबर कैफे संचालकों में हड़कंप मच गया।
प्रमुख इलाकों में सघन छापेमारी
प्रशासन की टीम ने मोतिहारी के भवानीपुर जीरात, स्टेशन चौक, चांदमारी और बलुआ सहित कई संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस ऑपरेशन में न केवल स्थानीय पुलिस बल्कि साइबर सेल के विशेषज्ञ अधिकारी भी शामिल थे। जांच के दौरान कई साइबर कैफे में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जहां अवैध रूप से सरकारी मोहरें, जाली पहचान पत्र और अन्य संदिग्ध दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे।
फर्जी दस्तावेजों का जखीरा बरामद
छापेमारी के दौरान साइबर पुलिस को भारी मात्रा में फर्जी आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज मिले हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई कंप्यूटर सिस्टम और हार्डवेयर जब्त कर लिए हैं। गड़बड़ी में शामिल पाए गए साइबर कैफे को प्रशासन द्वारा मौके पर ही सील कर दिया गया है।
डीएसपी दिलीप कुमार का सख्त संदेश
मामले की जानकारी देते हुए साइबर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि पिछले काफी समय से शहर में जाली दस्तावेजों के निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
मोतिहारी के विभिन्न साइबर कैफे की गहन जांच की जा रही है। किसी भी सूरत में अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी इसमें संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल, पुलिस पकड़े गए दस्तावेजों के आधार पर मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुटी है। प्रशासन की इस कार्रवाई से जाली कागजात बनाने वाले नेटवर्क को गहरा झटका लगा है।
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