सोहराब आलम/मोतिहारी। पूर्वी चंपारण की पावन धरती मोतिहारी में रामनवमी के अवसर पर सामाजिक संगठनों और विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण काशी सुमेरु मठ के पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज रहे, जिन्होंने झांकी में शामिल होकर भक्तों का उत्साहवर्धन किया।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल

​शोभायात्रा में धर्माचार्य डॉ. शम्भू सिकारिया द्वारा विशेष रूप से तैयार गोल्ड प्लेटेड अश्वमेध घोड़ा आकर्षण का केंद्र रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच निकली इस यात्रा ने आपसी भाईचारे की एक अनूठी मिसाल पेश की। रास्ते में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जगतगुरु का माला पहनाकर भव्य स्वागत किया, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है।

​वैश्विक राजनीति और अमेरिका पर तीखा प्रहार

​मीडिया से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने वैश्विक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने अमेरिका को आतंक का पोषक बताते हुए कहा कि पहले परमाणु बम का डर दिखाकर लीबिया के तेल पर कब्जा किया गया और अब वही दबाव ईरान पर बनाया जा रहा है। उन्होंने आह्वान किया कि नाटो देशों को एकजुट होकर युद्ध रोकने का ठोस निर्णय लेना चाहिए।

​पश्चिम बंगाल सरकार और कानून व्यवस्था पर प्रहार

​मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में धार्मिक जुलूसों और गंगासागर जाने तक पर रोक लगाई जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस प्रकार भ्रष्ट अधिकारियों को हटाया जाता है, उसी प्रकार अब बंगाल की सरकार को भी बदलने की आवश्यकता है।

​समान नागरिक संहिता की मांग

​शंकराचार्य ने देश की आंतरिक नीति पर जोर देते हुए कहा कि भारत में समान नागरिक संहिता (UCC) तत्काल लागू होनी चाहिए। उन्होंने एक कानून, एक शिक्षा नीति की वकालत करते हुए कहा कि देश के हर नागरिक को भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।