सोहराब आलम/ मोतिहारी। बिहार बोर्ड की परीक्षाओं के बीच मोतिहारी के पिपरा स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र महावीर उच्च विद्यालय के बाहर बुधवार को उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब एक शिक्षक ने देरी से आने के बावजूद केंद्र के भीतर प्रवेश करने की जिद की। स्थिति तब बिगड़ गई जब वहां मौजूद अभिभावकों ने शिक्षक की इस मनमानी का पुरजोर विरोध शुरू कर दिया।
मजिस्ट्रेट की पैरवी पर भड़के लोग
मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर तैनात मजिस्ट्रेट नियमों को ताक पर रखकर देरी से पहुंचे शिक्षक को अंदर प्रवेश दिलाने की कोशिश कर रहे थे। एक तरफ जहां छात्रों के लिए प्रवेश का समय समाप्त होने के बाद उन्हें अनुमति नहीं दी जाती, वहीं दूसरी तरफ शिक्षक के लिए नियमों में ढील देख अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने मजिस्ट्रेट और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
नाराजगी देख शिक्षक हुए रफूचक्कर
अभिभावकों का तर्क था कि जब बच्चों के लिए नियम कड़े हैं, तो शिक्षकों के लिए अलग मापदंड क्यों? हंगामे को बढ़ता देख और भीड़ की नाराजगी भांपते ही शिक्षक ने वहां से भागने में ही अपनी भलाई समझी। देखते ही देखते शिक्षक मौके से रफूचक्कर हो गए। इस घटना के बाद काफी देर तक केंद्र के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा की गरिमा बनाए रखने के लिए नियमों का पालन सबके लिए समान होना चाहिए।
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