शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। 6 मार्च चलने वाले सत्र को 6 दिन पहले ही स्थगित कर दिया। इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर तकरार देखने को मिली। कांग्रेस ने कहा कि 22 विभागों की बजट पर चर्चा नहीं हुई और स्थगन कर दिया गया।
विपक्ष ने निरर्थक चर्चा करने के आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों पर बात नहीं की गई। बेरोजगारों और रोजगार को लेकर चर्चा नहीं हुई। कई सवालों के जवाब गलत दिए। सरकार मुद्दों से भागी। बजट पर पूरी चर्चा नहीं हुई। घोटालों और आर्थिक गड़बड़ियों पर चर्चा नहीं की। CAG की रिपोर्ट पर चर्चा नहीं की गई और करीब 20 से अधिक मंत्रियों ने अपने विभाग का खाका सदन में नहीं रखा।
कटारे का आरोप – सरकार धर्म की आड़ में बड़ा भ्रष्टाचार फैला रही
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने सत्र जल्द खत्म करने को जनता के लोकतांत्रिक हनन बताया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने जब समय सीमा तय की थी, उसके 6 दिन पहले बजट सत्र को समाप्त कर दिया गया। यह जनप्रतिनिधि और जनता के लोकतांत्रिक अधिकार का हनन है। सरकार जनहित के विषय पर चर्चा नहीं करना चाहती। गोमांस को लेकर चर्चा नहीं की गई। सुबह से यही माहौल था कि सत्र लगाया जाएगा लेकिन अचानक आसंदी से अनिश्चितकालीन का स्थगन का आदेश हुआ। मैंने इस पर विरोध भी दर्ज कराया है। बीजेपी की सरकार घबराई हुई सरकार है, गौ माता संरक्षण, गौ मांस का अवैध परिवहन जैसे अन्य विषयों पर सरकार नहीं चाहती की लगाम लगी। सरकार भ्रष्टाचार पर भी बात नहीं करना चाहती। धर्म की आड़ में बड़ा भ्रष्टाचार फैला रही है। हमारे कार्यमंत्रणा में यह बात तय हुई थी कि विधानसभा निर्धारित दिनों तक चलेगी, सभी ने सहमति भी दी थी।
सचिन यादव ने सरकार को बताया गैर जिम्मेदार
कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने कहा कि सरकार से आशा उम्मीद करते हैं कि ज्यादा ज्यादा पूरा सदन चले, कामकाज किया जाए। आज की कार्य सूची में ही बहुत सारे विषय थे जो पूरे नहीं किए। आगामी जो विधानसभा चलानी थी, उसमें बहुत महत्वपूर्ण विषय थे, वह नहीं हो पाएंगे। किसान कल्याण का वर्ष मनाया जा रहा है लेकिन सरकार किसानों से बात करने पर भागती है। अभी तक किस विषय पर सार्थक चर्चा नहीं हुई। सरकार के पास जवाब नहीं होगा, वे गैर जिम्मेदार हैं।
आरके दोगुने का तंज- कैबिनेट में प्रस्ताव पास करे सरकार
कांग्रेस विधायक आरके दोगुने ने भी जल्द सत्र का समापन करने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार में घोषणाओं के अलावा कुछ नहीं होता। 22 विभागों पर चर्चा नहीं की गई, यह कैसी सरकार चल रही है? बिना चर्चा के बजट पास हो जाता है। एक दिन शुरू का चला कर जाता है और आज समापन का दिन भी पूरा नहीं हुआ तो बजट पर कितनी चर्चा हुई, कितनी सरकार ने बात कही यह जनता के सामने है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महत्वपूर्ण विभागों पर चर्चा से सरकार भागती है। विधानसभा पूरा चलाने में दिक्कत क्या होती है? अगर ऐसा ही रवैये पर सरकार को चलना है तो कैबिनेट में प्रस्ताव पास करें, विधानसभा लगाने का औचित्य क्या है?
मंत्री ने विपक्ष को दी नकारात्मक चश्मा बदलने की सलाह
मंत्री धर्मेद्र लोधी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा ऐतिहासिक बजट बताया। उन्होंने कहा कि 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा का बजट है। कांग्रेस कह रही है कि कुछ नहीं मिला। उनके देखने का चश्मा वह नकारात्मक चश्मा है, इस चश्मे को बदलना होगा। बहुत अच्छे से विधानसभा चली, हर विभाग का विकास हो रहा है। कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। सकारात्मक राजनीति करें तभी बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
विजयवर्गीय ने होली को बताया वजह
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस स्थगन की वजह होली और सबकी राय के बाद ही संपन्न करना बताया। उन्होंने कहा कि जो भी बिजनेस तय हुआ था, कार्यमंत्रणा समिति के साथ पूरी तरीके से सहयोग से संपन्न हुआ है। लोग होली के मूड में आ गए हैं, सबकी राय से ही संपन्न हुआ। कार्यमंत्रणा समिति में पहले से ही कार्रवाई संपन्न हुई थी। पक्ष और विपक्ष दोनों ने सार्थक रूप से इसमें भाग लिया। कम पीरियड के विधानसभा भले ही हो, लेकिन बहुत शानदार थी।
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