अमृतांशी जोशी, भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा (MP Assembly) में आज महिलाओं के साथ अत्याचार का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायकों (Congress MLA) ने हंगामा किया। कांग्रेस के बाला बच्चन ने कहा हमने ध्यानाकर्षण लगाया। कहा ये घटना बढ़ती जा रही है। संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा बोले – ये सदन (House) नहीं चलाना चाहते। इसे लेकर भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। मामले को लेकर कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर (Walk out) निकल गए।

ओलावृष्टि पर मुआवजे की सियासत पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा बोले- कमलनाथ जी बस खत लिख सकते हैं या ट्वीट कर सकते हैं। गाँव गाँव नगर नगर में हमारे मुख्यमंत्री घूम रहे हैं वो गए हैं। हम खुद होकर आए हैं। उन्होंने प्रतिप्रश्न किया- क्या दिग्विजय सिंह कमलनाथ को अपने ओला पीड़ितों के पास जाते हुए देखा या नेता प्रतिपक्ष को? कांग्रेस की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। ये सारे प्रदेश का किसान देख रहा है कि यह किस तरीके से घड़ियाली आंसू बहाते हैं।

आदिवासी युवतियों पर अत्याचार पर हंगामा

कांग्रेस के आदिवासी विधायकों का आरोप है कि आदिवासी युवतियों पर अत्याचार हो रहा है। प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों में आदिवासी युवतियों पर अत्याचार हो रहे है। ऐसे लोगों के साथ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करते हुए जांच की जाए। नरोत्तम मिश्रा ने खुद बताया है की 128 % तक आदिवासी युवतियों के साथ अपराध है। आदिवासियों के बीच डर और भय का माहौल है। विधायकों का आरोप है कि धार में सागौर में युवती की संदिग्ध अवस्था में मौत हुई है। कहा जा रहा है बिजली गिरने से मौत हुई है पर वो मौत नहीं हत्या है। प्रशासन के दबाव में पोस्टमार्टम की बात परिजनों से कही गई।

पेपर लीक मामले में चपरासी पर कार्रवाई को लेकर भड़की रामबाई

पेपर लीक मामले को लेकर विधायक रामबाई ने कहा कि अधिकारियों ने मंत्री की बुद्धि भ्रष्ट कर दी है। अधिकारी मंत्री को सही जानकारी नहीं दे रहे है। रामबाई दमोह में पेपर लीक मामले में चपरासी की बर्ख़ास्तगी पर अधिकारियों पर भड़की। बोली- एक गरीब का इसमें क्या दोष है क्यों हुई कार्रवाई। बड़े बड़े अधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। मंत्री अधिकारी को फोन करते है जो अधिकारी बोलते है वही मंत्री मान जाते हैं। अधिकारी बोले पेपर लीक तो मंत्री भी कह दिए। मंत्री को अधिकारी इधर उधर की बातें बताते है।

आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं का मुद्दा सदन में उठा

बीजेपी विधायक यशपाल सिसोदिया ने कहा कुत्तों की काटने की घटना को सुप्रीम कोर्ट ने भी गंभीर माना है। कुत्तों के काटने से मध्यप्रदेश के अस्पतालों में रेबीज के इंजेक्शन से पता लगाया जा सकता है कि कितनी घटनाएं सामने आ रही हैं। मानवाधिकार आयोग ने भी इस घटना पर आपति जताई है और 11 अनुशंसा प्रस्तुत की है। कुत्तों के काटने से मृत्यु को 2 लाख देने के लिए मानवाधिकार आयोग ने दिए हैं। 30 से 40 मामले भोपाल में आ रहे हैं, बच्चों, बालिकाओं को डर रहता है। लोगों की सुरक्षा के लिए विभाग सामंजस्य कैसे बनाएगा मंत्री बताएं।

राज्यमंत्री ओ पी एस भदौरिया ने सदन को बताया कि 2 लाख कुत्तों की नसबंदी की गई है। यह कहना सही नहीं है कि आम जनता में आक्रोश है। मंत्री ने कहा ऐसी गलती दोबारा न हो इसकी कोशिश होगी, बर्थ कंट्रोल किया जाएगा।

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