राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में 42 लाख वोटरों के नाम कटने से बीजेपी सकते में हैं। इसे लेकर अब भारतीय जनता पार्टी ने अपने मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों डिप्टी सीएम समेत सभी मंत्रियों को जिम्मेदारी दी है। यह सभी संभाग और जिलों की समीक्षा करेंगे। विधायकों से भी चर्चा करेंगे यानी बूथ स्तर पर समीक्षा की जाएगी।

एमपी में एसआईआर के तहत प्रथम चरण की प्रक्रिया होने के बाद मतदाता सूची का प्रारूप जारी किया गया था। जिसके मुताबिक, 42 लाख 74 हजार 160 मतदाताओं के नाम कम हुए हैं। 40 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम कटने से भारतीय जनता पार्टी सकते में है। इसे लेकर पार्टी ने खास प्लान बनाया है। बीजेपी ने अपने मंत्रियों को इसकी समीक्षा करने को कहा है। इसके जरिए मतदाता सूची में 10 जनवरी तक ज्यादा से ज्यादा नाम जुड़वाने के प्रयास किए जाएंगे। प्रदेश में नए मतदाताओं के नाम जुड़वाने का अभियान चलेगा।

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मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि एसआईआर में बीजेपी सहयोग कर रही है। निर्वाचन आयोग ने दावे-आपत्तियां बुलाए हैं, उसमें लोगों का सहयोग किया जा रहा है।आपको बता दें कि दावों के निराकरण के बाद 14 फरवरी 2026 तक सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होगी। किसी भी जानकारी और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।

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