राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौत का मुद्दा गरमाया रहा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- गलती किसकी है किसकी नहीं, मुद्दा ये नहीं है। सरकार लगी हुई है इस पर चर्चा न हो। पीड़ित परिवारों से पूछा जाए कि सदन में चर्चा हो या नहीं। 27 करोड़ ठेकेदार को एडवांड दिए गए। जब तक फाइल पर वजन न आए,
फाइल चलती नहीं है। हमारे लोग गए तो उनका विरोध किया। हम संवेदनाएं व्यक्त करने गए तो इसमें कौन सी राजनीति है।

एक रात में 5 किमी लाइन डल गई और डेढ़ करोड़ निकल गए

मेरा भी इंदौर से नाता रहा है। इंदौर में इतने घोटाले क्यों हो रहे हैं। एक रात में 5 किमी लाइन डल गई कागजों में, 150 करोड़ निकल गए फर्जी बिल पर। हाईकोर्ट ने तक टिप्पणी की कि इंदौर में हेल्थ इमरजेंसी हो गई। क्या सरकार शुद्ध पानी नहीं दे सकती, ये मेरी आवाज नहीं, उन घरों की खामोशी है। भागीरथपुरा की घटना सिर्फ घटना नहीं है, सरकार और प्रशासन के भरोसे की मौत है। इतनी मौत हो गईं सरकार इसे सिस्टम के कारण हत्या नहीं मान रही।

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने दूषित पानी का खुलासा किया

कैसे मंत्री पद पर सुशोभित रह सकते हैं। नगरीय प्रशासन मंत्री जवाबदारी तक नहीं ले रहे, ले रहे हैं तो इस्तीफा दे दें। कम से कम गिल्टी फील तो कीजिए। दलित अधिकारी हटा दिए गए, उन्हें हटा दिया गया बाकी अधिकारी सुशोभित हैं। हर विधानसभा में दूषित पानी पिलाया जा रहा है। क्या पूरा इंदौर भागीरथपुरा बनेगा। 2019 में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने दूषित पानी का खुलासा किया, फिर भी नहीं जागे।

जबलपुर, ग्वालियर में भी रिपोर्ट आई, उज्जैन भी हाईअलर्ट पर

यदि स्थगन पर चर्चा नहीं करेंगे तो ये 230 विधायकों के लिए कलंक की बात होगी। हम गलती मान रहे हैं लेकिन सुधरने की बात क्यों नहीं कर रहे। मौत 35 की हुई, सरकार 20-22 बता रही है। रिश्तेदार आए थे उनकी मौत हुई, उनको सरकार नहीं मान रही है। कोई कार्ययोजना बनी है तो योजना पोर्टल पर डालिए। वार्ड 11 की पार्षद ने एक साल पहले भागीरथपुरा लाइन के बारे में लिखा था। क्या यह नगरीय प्रशासन मंत्री की जिम्मेदारी नहीं बनती। जबलपुर, ग्वालियर में भी रिपोर्ट आई हैं, उज्जैन भी हाईअलर्ट पर है।

जबलपुर के पानी के सैंपल दिखाए

कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने जबलपुर के पानी के सैंपल दिखाे। वे पानी के 13 सैंपल साथ लेकर आए थे। बोले- सब सैंपल फेल हैं। मानव समाज में निष्ठुरता का स्थान नहीं होना चाहिए।

उमंग सिंघार- काला पानी की सजा सुनी है, यहां काला पानी पिलाया जाना चाहिए।

इंदौर का नाम कलंकित हुआ

जयवर्धन सिंह ने कहा- इंदौर का नाम कलंकित हुआ है। महापौर का इस्तीफा क्यों नहीं हुआ। पुरस्कार की बात सामने आती है नेता सामने आते हैं, जब घटना होती है तो महापौर, नेता पीछे छुप जाता है। सवाल के जवाब में 20 मौत बताई जा रही और लिखा है शेष परिशिष्ट में लेकिन परिशिष्ट में 32 मौत मान रहे सवाल में गलत जवाब आ रहे हैं।

स्थगन प्रस्ताव ग्राह्य नहीं हुआ

विधानसभा अध्यक्ष बोले- भागीरथपुरा मामले में कई पहलू हैं। नियम 55 (5) के तहत उस विषय पर चर्चा नहीं होगी जिसपर चर्चा हो चुकी है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अलावा दूसरे विधायकों के प्रश्न पटल पर हैं। इन सवालों पर स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री ने जवाब दिया है। स्थगन प्रस्ताव का जो विषय जांच आयोग में हो उसपर चर्चा नहीं हो सकती, इसलिए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होगी।

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