कैरेट गोल्ड के नाम पर गोलमालः खरे पैसे लेने के बाद भी ‘लालाजी’ ने दिया खोटा सोना, ग्राहक ने सराफा व्यापारी संघ से की शिकायत, पढ़िए क्या है नियम ?

कपिल शर्मा, हरदा। सुरक्षित निवेश और महिलाओं की पसंद के कारण आए दिन सोने के जेवर खरीदे जाते हैं, लेकिन यह कम ही लोग जानते हैं कि कैरेट के नाम पर उनके साथ कैसे गोलमाल हो रहा है. सराफा व्यापारी कम कैरेट का सोना देकर उपभोक्ताओं के साथ गोलमाल कर रहे हैं. ताजा मामला मध्यप्रदेश के हरदा जिले से आया है, जहां एक ग्राहक ने शहर के लालाजी ज्वेलर्स के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत सराफा व्यापारी संघ के पदाधिकारियों से लिखित में की है.

दरअसल, शहर के वार्ड नंबर एक में रहने वाले प्रदीप शर्मा ने बताया कि वो 25 नबंवर को शहर के लालाजी ज्वेलर्स के यहां एक सोने की चेन 9.990 ग्राम की खरीदी थी. शंका होने पर जांच कराई, तो पता चला कि इसमें डेढ ग्राम मिलावट है और सोना भी 20 कैरेट है, जबकि ज्वेलर्स संचालक ने पूरे 9.990 ग्राम के 24 कैरेट के भाव से पैसे लिए थे. अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत पीड़ित ने सराफा व्यापारी संघ हरदा के पदाधिकारियों से की है. पीड़ित ने जल्द इस पर कार्रवाई की मांग की है. पीड़ित प्रदीप शर्मा का कहना है कि ऐसे कारोबारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होनी चाहिए. सराफा व्यापारी ‘अशिक्षित’ और भोले-भाले लोगों से ठगी कर रहे हैं.

वहीं सराफा व्यापारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बारे में शिकायत मिली है. सराफा व्यापारी संघ की बैठक लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा. इधर, कैट व्यापारी संघ के जिलाध्यक्ष सरगम जैन ने कहा कि ज्वेलर्स द्वारा बिना नंबर का बिल दिया है जो नियम के विरूद्ध है. यदि कोई उपभोक्ता से आप रुपए लेते हो तो शुद्ध सामग्री देनी चाहिए. मामले को लेकर पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे.

भारतीय मानक ब्यूरों के अनुसार सोने और चांदी के आभूषणों पर हालमार्किंग अनिवार्य कर दी है, ताकि सराफा व्यापार में अवैध और मिलावटी सोने की बिक्री पर रोक लगाई जा सकें. इसके लिए बीआईएस ने वर्ष 2018 में ही नोटिफिकेशन जारी कर दिये थे. लेकिन वर्तमान में जिले के सराफा व्यापारी बिना हालमार्क की अशुद्ध ज्वेलरी बेच जा रहे हैं.

बाजार में बिना हाॅलमार्क के बिक रही ज्वेलरी

बाजार में बिना हाॅलमार्क के सोना बेचकर सराफा दुकानों पर पहुंचने वाले ग्राहकों से जीएसटी भी वसूल की जा रही है और यह राशि सराफा व्यापारी सीधे अपने खाते में डकार रहा है. फर्जी बिल और स्टीमेट के नाम पर सोने का बिल देकर शासन और उपभोक्ता दोनों को चूना लगाया जा रहा है.

सोने की शुद्धता का यह है सूत्र

इन तीन अंकों के आधार पर सोने की शुद्धता पता करने के लिए आपको इस तरह की कोई सीरीज याद रखने की जरुरत नहीं है. इसको निकालने का सूत्र साधारण है. मान लीजिए, आपको 22 कैरेट सोने पर पड़ा नंबर ज्ञात करना है तो आप 22 को 24 से भाग देकर उसको 100 से गुणा कर दें. इससे आपको 22 कैरेट सोने पर पड़ने वाला अंक ज्ञात हो जाएगा.

ऐसे पहचानें असली हॉलमार्क

हॉलमार्किंग में किसी उत्पाद को तय मापदंडों पर प्रमाणित किया जाता है. भारत में बीआईएस वह संस्था है, जो उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जा रहे गुणवत्ता स्तर की जांच करती है. यदि सोना-चांदी में हॉलमार्क है तो इसका मतलब है कि उसकी शुद्धता प्रमाणित है. लेकिन कई ज्वैलर्स बिना जांच प्रकिया पूरी किए ही हॉलमार्क लगा रहे हैं. ऐसे में यह देखना जरूरी है कि हॉलमार्क ओरिजनल है या नहीं? असली हॉलमार्क पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान होता है. उस पर हॉलमार्किंग सेंटर के लोगो के साथ सोने की शुद्धता भी लिखी होती है. उसी में ज्वैलरी निर्माण का साल और उत्पादक का लोगो भी होता है.

24 कैरेट गोल्ड की नहीं बनती ज्वैलरी

सबसे पहली बात यह कि असली सोना 24 कैरेट का ही होता है, लेकिन इसके अभूषण नहीं बनते, क्योंकि वो बेहद मुलायम होता है. आम तौर पर आभूषणों के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें 91.66 फीसद शुद्ध सोना होता है. कई बार ग्राहक जानकारी के अभाव में गलती से 22 कैरेट वाली सोने की ज्वैलरी के बदले 24 कैरेट का दाम दे आते हैं.

ऐसे समझिए कैसे तय कर सकते हैं अपने गोल्ड की कीमत

अब आप हालमार्क का निशान और नंबर देखकर आप यह ज्ञात कर सकते हैं कि आपकी ज्वैलरी में कितने फीसदी शुद्ध सोना इस्तेमाल हुआ. सोने की कीमत का निर्धारण भी उसी हिसाब से करें. जैसे 24 कैरेट सोने का रेट 27000 है. अब अगर आप बाजार में सोने की ज्वैलरी खरीदने जाते हैं तो मेकिंग चार्ज हटाकर आपकी ज्वैलरी की असली कीमत (27000/24) गुणा 22=24750 रुपए होगी, जबकि सुनार कई बार आपको 22 कैरेट सोना 27000 में ही देता है. यानी आप 22 कैरेट सोना 24 कैरेट सोने के दाम पर खरीद रहे हैं. इसी तरह 18 कैरेट सोने की कीमत 27000/24 गुणा 18 = 20250 होगी. कई बार ज्वैलर्स 18 कैरेट वाली ज्वैलरी पर 22 या 24 कैरेट के भाव लगाकर साथ में बड़े बड़े ऑफर्स का लालच देते हैं.

प्योरिटी सर्टिफिकेट लेना न भूलें

गोल्ड खरीदते वक्त आप ऑथेंटिसिटी /प्योरिटी सर्टिफिकेट लेना न भूलें. सर्टिफिकेट में गोल्ड की कैरेट क्वॉलिटी भी जरूर चेक करे. साथ ही गोल्ड ज्वैलरी में लगे जेम स्टोन के लिए भी एक अलग सर्टिफिकेट जरूर लें.

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