आकिब खान, हटा (दमोह)। मध्यप्रदेश में बाल विवाह पर रोक होने के बाद भी बाल विवाह थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसा ही एक मामला दमोह जिले के हटा से आया है, जहां बीती रात बाल विवाह करवाया जा रहा था। हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने पर चाइल्ड लाइन की टीम और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शादी रुकवाया।

दरअसल पूरा मामला जिले के गैसाबाद थाना अंतर्गत भैंसा गांव का है, जहां 7 जून को चाइल्ड हेल्पलाइन पर नाबालिगों के विवाह की शिकायत मिली थी। जिसके बाद चाइल्ड लाइन काउंसलर दीपका ठाकुर, महिला बाल विकास अधिकारी शिव राय, थाना प्रभारी अरविंद सिंह और टीम देर रात भैंसा गांव पहुंची और नाबालिगों के परिजनों को बालिग होने पर शादी करवाने की अपील की। अधिकारियों के समझाइश के बाद दोनों पक्ष माने गए और बालिग होने के बाद ही शादी करवाने की बात कही।

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बाल विवाह कानूनी अपराध है, जिसमें 2 वर्ष का कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। इसके लिये महिला हेल्पलाइन नंबर 181, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 डॉयल कर और जिलों के प्रशासनिक अधिकारी को भी इसकी सूचना दी सकती है।

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