इमरान खान, खंडवा। इंदौर में हुई पानी से मौतों के बाद अब खंडवा जिले का किल्लौद भी चर्चाओं में है। यह के गांवों में फ्लोराइड युक्त पानी पीने को लोग मजबूर है। कलेक्टर ऋषभ गुप्ता से शिकायत करने पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जो हैंडपंप और ट्यूबवेल से पानी मिल रहा है उसे पीने के बाद बच्चों और युवाओं के दांत पीले कर दिए है तो कई युवा अवस्था में प्रौढ़ नजर आने लगे हैं। हाथ नहीं मोड रहे, लीवर में इंफेक्शन हो रहा है, पानी में स्वाद भी नहीं। वहीं कलेक्टर ने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद PHE की टीम मौके पर गई थी। जिन गांवों में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा आ रही है वह के हैंडपंप पंप और ट्यूबवेल (नलकूप) में लाल निशान लगाकर ग्रामीणों से अपील की गई है कि वह यह का पानी ना पिए।

खंडवा के किल्लौद ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक गांवों में लोग फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से यहां बच्चों के दांत पीले होने के साथ ही लोगों के हाथ में दिक्कत तो लीवर में इंफेक्शन की शिकायत नजर आने लगे हैं। कलेक्टर से शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से इस समस्या का सामना कर रहे गांवों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए कोई सरकारी प्रयास नहीं हो रहे हैं।

कई बीमारियों ने जकड़ा

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से क्षेत्र में दूषित पेयजल स्त्रोत को चिह्नित तो किया गया लेकिन इससे बंद नहीं किया गया है। न ही यहां फिल्टर प्लांट के लिए कोई प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गई है। अभी तक किल्लौद में पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से ग्रामीण फ्लोरोसिस सहित अन्य बीमारियों से जूझ रहे हैं। क्षेत्र के कई गांवों में फ्लोराइड के कारण लोगों को कम दिखना, दांत गिरना, बाल सफेद होना व जोड़ों में दर्द रहना आदि कई तरह की बीमारियां जकड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जांच के दौरान अधिकांश गांवों में फ्लोराइड 2.0 से 5.0 पार्ट्स पर मिलियन (पीपीएम) की मात्रा पानी में मौजूद है।

नल जल योजना के तहत पानी हो रहा सप्लाई

किल्लौद ब्लाक ग्राम गरबड़ी के शिवराज सिंह सिसोदिया ने बताया कि उनके गांव में नल जल योजना के तहत जो पानी सप्लाई हो रहा है, उसमें फ्लोराइड की मात्रा बहुत है। उससे दांत पीले हो रहे हैं, हाथों में समस्या आ रही है, लीवर में इन्फेक्शन जैसी कई बीमारियां हो रही है। इंदौर जैसी घटना हमारे गांव में न हो इस लिए हम शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देने पहुंचे हैं। गांव में अच्छे पानी की व्यवस्था की जाए। किल्लौद ब्लाक के करीब 7 गांवों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा आ रही है। हमारे गांव गरबड़ी में तीन हजार आबादी रहती है, पीने के पानी का एक साधन एक ही बोरवेल है, जिससे सभी घरों में पानी दिया जाता है।

कलेक्टर ने कही ये बात

इस मामले को लेकर खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता का कहना है कि किल्लौद ब्लॉक के कुछ गांवों से ऐसी सूचना हमारे पास आई है। जिसमें पानी में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा है। ऐसे गांवों में PHE की ओर से जांच की गई है, जिस जगह के हैंडपंप पंप और ट्यूबवेल (नलकूप) में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा पाई गई है, उन जगहों पर लाल निशान लगाकर ग्रामीणों से पानी इस्तेमाल न करने की अपील की गई है। वह की ग्राम पंचायत को निर्देश दिए गए हैं कि वह पर रेन वाटर हार्वेस्टर सिस्टम जैसे तालाब, वाटर टैंक इस प्रकार के निर्माण करे। जिसे वह अधिक मात्रा में पानी बड़े जिससे लोगों वह साफ पानी मिले फ्लोराइड की मात्रा डाइवर्ट हो सके।

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