बेजा कब्जा हटाए जाने से बिफरे सांसद ने तहसीलदार से की बदसलूकी, आहत अधिकारियों ने सीएम को पत्र लिखकर दी यह चेतावनी…

अरविन्द मिश्रा, बलौदाबाजार। अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई किए जाने से नाराज सांसद मोहन मंडावी के तहसीलदार से बदसलूकी की घटना से प्रशासनिक अधिकारी आहत हैं. उन्होंने इससे कनिष्ठ अधिकारियों के आत्म सम्मान को ठेस पहुंचने की बात कहते हुए सांसद के सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने और घटना पर खेद जताने के लिए मुख्यमंत्री के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है.

छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ, बलौदाबाजार इकाई ने तहसीलदार से दुर्व्यवहार को लेकर सांसद मोहन मंडावी खिलाफ कलेक्टर सुनील कुमार जैन ज्ञापन सौॆपा है. संघ की जिला अध्यक्ष तहसीलदार प्रियंका बंजारा ने बताया कि विगत दिनों शासकीय महाविद्यालय अंतागढ़ से लगे हुए नगर पंचायत क्षेत्र अंतागढ़ में स्थित शासकीय जमीन पर परित्यक्ता महिला हलीमा बेगम अतिक्रमण कर कच्चा मकान बनाकर रह रही थी. उक्त कच्चे मकान को कल्पना जैन पति विजय जैन ने 27 जून 2021 को बलपूर्वक तोड़ते हुए स्वयं अतिक्रमण कर पक्का मकान बनाया जा रहा था.

इस पर अंतागढ़ तहसीलदार ने अंतागढ़ नगर पंचायत सीएमओ और पुलिस के साथ जाकर 5 जनवरी 2022 को बेजा कब्जा हटाया  था. इसके साथ उक्त भूमि पर बेजा कब्जा कर झोपड़ी बनाकर रहने वाले अन्य लोगों को नोटिस दिया था. मकान निर्माण को तोड़े जाने पर कल्पना जैन 06 जनवरी को एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गई थी. महिला के समर्थन मे सांसद मोहन मंडावी, पूर्व सांसद विक्रम देव उसेंडी, पूर्व विधायक भोजराज नाग और भाजपा जिला अध्यक्ष सतीश लटिया भी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए थे.

धरने पर बैठे रहते हुए 07 जनवरी को अंतागढ़ तहसीलदार लोमस कुमार मिरी को धरनास्थल पर बुलाकर अपशब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी देते दुर्व्यवहार करने और लोगों के समक्ष अपमानित करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया गया है. अधिकारियों ने सांसद मोहन मडावी और उनके समर्थकों द्वारा तहसीलदार लोमस कुमार मिरी से किए गए दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया. साथ ही शासन-प्रशासन से मांग की कि सांसद मोहन मंडावी और उनके समर्थक तहसीलदार से दुर्व्यवहार के लिए खेद व्यक्त करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे.

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मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में अधिकारियों ने कहा कि जब तक सांसद मोहन मंडावी और उनके समर्थक अपने कृत्य पर खेद व्यक्त नहीं करते और तहसीलदार से सार्वजनिक रूप माफी नहीं मांगते तब तक तहसीलदार व नायब तहसीलदार शासकीय भूमि से बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं करेंगे. ज्ञापन सौंपने के दौरान सिमगा तहसीलदार बलराम तंबोली, पलारी तहसीलदार राम मूर्ति दीवान, राधेश्याम वर्मा, नायब तहसीलदार ममता ठाकुर, यशवंत राज, श्रीधर पंडा उपस्थित थे.

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