शिखिल ब्यौहार, भोपाल। आज 12 फरवरी को, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चे द्वारा देशव्यापी हड़ताल बुलाई गई है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। यह हड़ताल मुख्य रूप से केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कानूनों (चार श्रम संहिताओं), निजीकरण, महंगाई, मजदूरी और अन्य श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में है।

ट्रेड यूनियनें जैसे INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA आदि, साथ ही बैंक, बीमा, BSNL, डाक, केंद्रीय कर्मचारी और अन्य संगठन इसमें शामिल हैं।
मुख्य प्रभाव भोपाल और मध्य प्रदेश में 

  • सरकारी और प्राइवेट बैंकों की 6,000 से अधिक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होगा। ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं में बाधा आ सकती है, हालांकि ATM, UPI और ऑनलाइन बैंकिंग सामान्य रूप से चलती रहेगी। 
  • बीमा सेवाएं (LIC, GIC आदि), BSNL और डाक विभाग (पोस्ट ऑफिस) में भी हड़ताल का असर है।
  • केंद्रीय ऑफिसों और संबंधित विभागों में काम प्रभावित।

यह हड़ताल 24 घंटे की है और इसमें लाखों-करोड़ों मजदूर शामिल होने का दावा किया जा रहा है। बाजार, स्कूल और अन्य निजी सेवाएं ज्यादातर सामान्य हैं, लेकिन बैंकिंग और सरकारी सेवाओं पर प्रमुख असर पड़ेगा। 

आज से भोपाल-ओरछा हेलीकॉप्टर सेवा शुरू

मध्य प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली एक बड़ी सौगात मिली है। पीएम श्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा के तहत भोपाल से ओरछा तक हेलिकॉप्टर सेवा शुरू हो गई है।यह सेवा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिससे पर्यटक अब आसानी से भोपाल से चंदेरी होते हुए ओरछा पहुंच सकेंगे। ओरछा का प्रसिद्ध राम राजा मंदिर, जहां राम को राजा के रूप में पूजा जाता है, और अन्य ऐतिहासिक स्थल अब हवाई मार्ग से जुड़ गए हैं।

मुख्य जानकारी:

  • रूट: भोपाल → चंदेरी → ओरछा  
  • प्रति व्यक्ति किराया: भोपाल से ओरछा तक एक तरफा 6500 रुपये।
    • (चंदेरी से ओरछा का किराया लगभग 2750 रुपये बताया जा रहा है, लेकिन मुख्य रूट भोपाल-ओरछा है।)
  • संचालन: जेट सर्व एविएशन या संबंधित PPP पार्टनर द्वारा संचालित।
  • ओरछा हेलीपैड: सभी तैयारियां पूरी, सुरक्षा, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और वीआईपी दर्शन की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
  • समय: हेलिकॉप्टर सुबह भोपाल से उड़ान भरता है, चंदेरी में रुकावट के बाद दोपहर तक ओरछा पहुंचेगा। 

यह सेवा पीएम श्री पर्यटन योजना का हिस्सा है, जो मध्य प्रदेश को भारत का पहला राज्य बनाती है जहां हेलिकॉप्टर से इंटर-स्टेट/इंट्रा-स्टेट पर्यटन कनेक्टिविटी दी जा रही है। इससे बुजुर्ग पर्यटक, विदेशी पर्यटक और परिवार आसानी से ओरछा जैसे धार्मिक-ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे, जहां पहले सड़क मार्ग से लंबा समय लगता था।

राजधानी सहित पूरे प्रदेश में 1 मई से शुरू होगी डिजिटल जनगणना

मध्य प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण घोषणा की है कि राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में डिजिटल जनगणना 1 मई 2026 से शुरू हो जाएगी। यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल ऐप के माध्यम से रियल-टाइम डेटा संग्रह किया जाएगा।

  • प्रक्रिया: तीन चरणों में होगी –
    1. सबसे पहले मकानों की जानकारी दर्ज की जाएगी।
    2. उसके बाद परिवारों का विवरण।
    3. अंत में हर व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी।
  • प्रगणक की भूमिका: सरकारी कर्मचारी (प्रगणक) मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर डेटा जुटाएंगे। डेटा रियल-टाइम में सुरक्षित सरकारी पोर्टल्स पर अपलोड होगा।
  • अनुपात: हर 1000 लोगों पर एक प्रगणक तैनात रहेगा।
  • ट्रेनिंग: भोपाल में अफसरों की ट्रेनिंग 16 फरवरी 2026 से शुरू होगी।
  • जिम्मेदारी: भोपाल में इस महाभियान की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर भुवन गुप्ता को सौंपी गई है।
  • अनिवार्यता: हर व्यक्ति को सही जानकारी देना अनिवार्य है। गलत सूचना देने या जानकारी देने से इनकार करने पर तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है (जनगणना अधिनियम के तहत)।

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