सेवा की मिसाल : कोरोना मरीजों की सेवा के लिए 5 लक्जरी गाड़ियों को बनाया एंबुलेंस, गरीबों को दे रहे नि:शुल्क सेवाएं

बैहर. कोरोना आपदाकाल में लोग अपनी अपनी सुविधाओं और आर्थिक हैसियत के अनुसार लोगों की मदद कर मानव सेवा ही माधव सेवा की भावना को जिंदा रखे हुए हैं. इसी कड़ी में शहर के एक युवा व्यापारी ने समाज सेवा की मिसाल पेश की है. उन्होंने अपनी 05 लग्जरी गाडिय़ों को कोरोना मरीज की सेवा के लिए एंबुलेंस में बदल दिया है. कोरोना संक्रमण काल में जहां एंबुलेंस चालक पीडि़तों से अत्यधिक किराया वसूल कर रहे हैं. ऐसे में इस युवक ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर गरीब मरीजों को नि:शुल्क और सक्षम लोगों को सिर्फ डीजल के खर्च पर एंबुलेंस की सेवाएं दे रहे हैं. युवक की इस पहल की सोशल मीडिया में जमकर चर्चा हो रही है.

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एंबुलेंस चालकों के मनमाने दाम वसूलने के कारण लग्जरी कारों को ऑक्सीजन सिलेंडर सहित बेड के साथ तैयार किया
आदिवासी बाहुल्य बैहर इलाके में एंबुलेंस चालकों के मनमाने दाम वसूलने के कारण युवाओं ने गरीब मरीजों को नि:शुल्क लाने ले जाने के लिए इनोवा, होंडासिटी, इटियॉस जैसी लग्जरी कारों को ऑक्सीजन सिलेंडर सहित मरीजों को बैठाने के लिए बेड के साथ तैयार किया है. शहर के सक्षम लोग आपस में चंदा कर मरीजों के लिए डीजल की व्यवस्था करते हैं. जो सक्षम है उससे सिर्फ लागत मूल्य पर एंबुलेंस मरीजों का अस्पताल लाने ले जाने के लिए देते हैं.

इस क्षेत्र में पहले एक ही एंबुलेंस लोगों को सुविधा देने के लिए चलाई जा रही थी

युवा व्यापारियों की यह पहल कोरोना संक्रमण काल में गरीबों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है. इस क्षेत्र में पहले एक ही एंबुलेंस लोगों को सुविधा देने के लिए चलाई जा रही थी. एंबुलेंस की कमी पड़ी तो युवाओं ने तय किया कि अपनी लग्जरी गाडिय़ों को ही एंबुलेंस बना देते हैं और अब यह युवा जन सहयोग से इसे मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए उपयोग में ला रहे हैं।

मरीज को निशुल्क अस्पताल तक ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ अपनी गाडिय़ों से पहुंचा देते

मदद करने वाले युवक बंटी जैन और मनीष तिवारी ने बताया कि हम लोगों ने आपस में मिलकर अपनी गाडिय़ों को एंबुलेंस में कन्वर्ट किया है, जिसमें ऑक्सीजन सिलेंडर भी लगाए गए हैं ताकि गरीब मरीजों को सुविधाविहीन क्षेत्र से अस्पताल ले जा सके. यह पूरा काम निर्धन मरीजों के लिए नि:शुल्क किया जा रहा है. जब किसी गरीब मरीज को बाहर से शहर अस्पताल में भर्ती होने जाना होता है तो हम लोग आपस में सहयोग कर डीजल और बाकी व्यवस्था करते हैं. मरीज को निशुल्क अस्पताल तक ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ अपनी गाडिय़ों से पहुंचा देते हैं.

युवाओं की यह पहल समाज सेवा का उदाहरण

युवाओं की पहल ने जहां एक ओर इलाके में मरीजों के लिए बड़ी राहत पहुंचाने का काम किया है, वहीं अपने संसाधनों से कैसे समाज की सेवा की जा सकती है, युवाओं की यह पहल इसका एक बड़ा उदाहरण है.

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