आकाश श्रीवास्तव, नीमच। ‘मोबाइल’ की लत से एक ओर जहां बच्चे मां-बाप से दूर हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर उनका शारीरिक विकास भी रुक गया है। इतना ही नहीं बढ़ते मोबाइल के उपयोग के चलते बच्चों की आंखें भी खराब हो रही है। तो कई बच्चे डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। इसी को लेकर मध्य प्रदेश के नीमच में एक अनोखी पहल शुरू की है।

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रिश्तों को जोड़ने का अनूठा खेल

मोबाइल और डिजिटल युग में लोग रिश्ते की अहमियत भूल गए हैं। लोग घर के एक कमरे में कैद हो गए। असल में पड़ोसी से भी अंजाम हैं लेकिन सोशल मीडिया में हजारों फ्रेंड हैं। मोबाइल के एडिक्शन में परिवार साथ बैठ कर बात तक नहीं करते। ऐसे में कमजोर हो रहे रिश्तों के इन धागों को जोड़ने का एक अनूठा प्रयास नीमच जिले के जावद नगर के एक मोहल्ले के लोगों ने किया है।

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10 दिवसीय खेल महाकुंभ का आयोजन

दरअसल, जावद नगर के खोर दरवाजा मोहल्ले में मोबाइल एडिक्शन और टूटते रिश्तों के खिलाफ एक अनूठी पहल शुरू की गई है। यहां, मोहल्लेवासियों ने यूनिटी ऑफ खोर दरवाजा के बैनर तले 10 दिवसीय खेल महाकुंभ का आयोजन किया है। जिसका उद्देश्य मोबाइल की लत को कम करना, आपसी मेलजोल बढ़ाना और पारंपरिक मोहल्ला संस्कृति को पुनर्जीवित करना है। 3 मार्च तक चलने वाले इस आयोजन में कैरम, शतरंज, लूडो, क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी, कुश्ती और सितोलिया जैसे विभिन्न इनडोर, आउटडोर और पारंपरिक खेल खेले जा रहे हैं।

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300 रुपए का प्रवेश शुल्क

240 से अधिक युवाओं ने इसमें भाग लिया है। और अगले वर्ष महिलाओं की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इस ‘खेल महाकुंभ’ में सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया जा रहा है और खिलाड़ियों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जा रहा है। ताकि विभिन्न जाति और वर्ग के लोग एक साथ खेल सकें। भाग लेने वाले खिलाड़ियों से 300 रुपए की प्रवेश शुल्क ली जा रही है और विजेताओं को सांवलिया जी की चांदी की प्रतिमाएं और तुलसी के पौधे जैसे विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। इस पूरे आयोजन में मोहल्लेवासियों का सक्रिय सहयोग है, और किसी विशेष समिति का गठन नहीं किया गया है। यह अनूठी पहल न केवल मोबाइल एडिक्शन से मुक्ति दिलाने का प्रयास है, बल्कि आपसी रिश्तों को मजबूत करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का एक उत्कृष्ट प्रयास भी है।

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