अनिल सक्सेना, रायसेन। कोरोना संकट में ऑक्सीजन के लिए देश भर में हाहाकार मचा हुआ है। ऑक्सीजन नहीं मिलने पर मध्यप्रदेश सहित देश के कई राज्यों में लोगों की बड़ी संख्या में मौत हुई है। कोरोना आपदा के दौरान भी पेड़ों की कटाई जारी है। वन विभाग ने पेड़ काटने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 21 लाख 7 हजार 700 रुपये का जुर्माना लगाया है। देश में पहली बार पेड़ काटने पर इतना बड़ा जुर्माना किसी पर लगाया गया है।

वेलगांव निवासी आरोपी छोटे लाल ने इस साल जनवरी 2021 में सिंघौरी अभ्यारण्य की बीट पहरिया में सागौन के दो पेड़ काटे थे। जिसके बाद से आरोपी फरार था। अब जा कर आरोपी वन विभाग की गिरफ्त में आया है। वन विभाग ने आरोपी पर 1 करोड़ 21 लाख 7 हजार 700 रुपये का जुर्माना लगाकर कोर्ट में चालान पेश कर दिया है।

वन विभाग के अधिकारियों ने इतना बड़ा जुर्माना एक पेड़ की उम्र 50 वर्ष मानकर तय किया है। बम्हौरी वन परिक्षेत्र अधिकारी महेंद्र कुमार पलेचा ने बताया कि एक पेड़ की औसत उम्र 50 साल मानी जाती है। इस तरह एक पेड़ इन 50 सालों में हमें 52 लाख 400 रुपए की सुविधाएं प्रदान कर सकता है।

उन्होंने बताया कि डायरेक्टर जनरल इंडियन कौंसिल ऑफ फारेस्ट ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन के अध्यन के अनुसार एक पेड़ की उम्र 50 साल होती है। इस अध्ययन के अनुसार इन 50 साल में एक पेड़ 11 लाख 97 हजार 500 रुपए की आक्सीजन छोड़ता है, जो लोगों के लिए प्राण वायु का काम करती है।

यह पेड़ इन 50 सालों में 23 लाख 68 हजार 400 रुपए के वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में हमारे लिए मददगार बनता है। जबकि 19 लाख 97 हजार 500 रुपए मूल्य का भू-क्षरण नियंत्रण व उर्वरता बढ़ाने में सहयोग प्रदान करता है। एक पेड़ बारिश के पानी को रोकने, कटाव रोकने और जल की रिसाइकिल करने में 4 लाख 37 हजार रुपए की मदद देता है।

इस तरह एक पेड़ 50 साल में हमें 52 लाख 400 रुपए से अधिक का फायदा पहुंचता है। इस लिहाज से आरोपी छोटे लाल द्वारा सागौन के दो पेड़ काटने पर 1 करोड 21 लाख 7 हजार 700 रुपए जुर्माना लगाया गया है।

देश में बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जा रहे हैं। जंगल के जंगल उजाड़े जा रहे हैं। ऐसे में वन विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई देश के लिए एक नजीर बन सकती है। अगर वन विभाग की कार्रवाई ऐसे ही जारी रही तो वो दिन दूर नहीं जब देश में फिर से वन लहलहाएंगे।