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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में आज ट्रिपल खुशियां आई है। एक तरफ बंगाली बाघिन ‘जमुना’ ने 3 शावकों को जन्म दिया है। वहीं दूसरी ओर शेरनी ‘सुंदरी’ ने भी दो शावक जन्मे हैं। इसी के साथ हिप्पोपोटामस ने भी एक बच्चा हुआ है। बाघिन के तीन शावकों में एक सफेद और दो मेलानिस्टिक ब्लैक कलर के शावक हैं।
प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया, “जू के रखरखाव और माहौल की वजह से यहां पर लगातार जीव जंतुओं का कुनबा बढ़ रहा है। बाघिन जमुना ने 3 शावकों को जन्म दिया है। जिनमें एक सफेद और दो मेलानिस्टिक ब्लैक कलर के हैं। सोमवार को अवकाश के दिन बाड़े में तीन शावक नजर आए। बाघिन जमुना और तीनों शावक स्वस्थ हैं। जमुना अब तक 6 बार में 10 शावकों को जन्म दे चुकी है।”
शेरनी सुंदरी को हुए 2 शावक
बाघिन जमुना के साथ-साथ शेरनी सुंदरी ने भी दो बच्चों को जन्म दिया है। शेरनी और उसके दोनों शावक स्वस्थ हैं और शेरनी दोनों बच्चों की देखभाल कर रही है।
सबसे बड़े और पुराने प्राणी उद्यान में से एक
कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय या इंदौर चिड़ियाघर नवलखा, इंदौर में स्थित एक प्राणी उद्यान है जो कि पूरी तरह से इंदौर नगर पालिका निगम के स्वामित्व वाली है। यह मध्य प्रदेश राज का सबसे बड़ा प्राणी उद्यान और एक सबसे पुराना प्राणी उद्यानों मे से एक है। यह 4000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।
कई प्रकार के जानवर
कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय भारत के कुल 180 मान्यता प्राप्त चिड़ियाघरों में से एक है। चिड़ियाघर मे दुनिया के विभिन्न भागों से विभिन्न प्रकार के जानवरों और पक्षियों जो लाया गया है। चिड़ियाघर के प्रयास करने के लिए नस्ल सफेद बाघ, रॉयल बंगाल टाइगर, हिमालयन भालू और सफेद मोर सफल किया गया है। इंदौर चिड़ियाघर प्रजनन, संरक्षण और प्रदर्शनी के जानवरों, पौधों और उनके निवास के लिये एक केन्द्र है।
क्या है इसका इतिहास?
1974 में इंदौर चिड़ियाघर को नवलखा क्षेत्र में केवल 17 एकड़ की भूमि पर स्थापित किया गया था। बाद में साल 1999 में आसपास के कैदीबाग की 32 एकड़ भूमि के अधिग्रहण से वर्तमान रूप 51 एकड़ जमीन के साथ धारण किया।
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