रीवा। कथित कैश कांड (Cash Case) को लेकर सुर्ख़ियों में आए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के जस्टिस यशवंत वर्मा (Justice Yashwant Verma) का मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh Connection) से कनेक्शन सामने आया है। उन्होंने रीवा (Rewa) से ही अपने भविष्य और करियर की प्लानिंग की थी।  

साल 1992 में जज यशवंत वर्मा ने रीवा यूनिवर्सिटी से लॉ में ग्रेजुएशन किया था। जिसके बाद वकालत शुरू कर दी। अगस्त 1992 में यशवंत वर्मा एक वकील के तौर पर नामांकित हुए। वे संवैधानिक मामलों से लेकर इंडस्ट्रियल विवाद, कॉर्पोरेट मामले, टैक्सेशन से जुड़े मामले और पर्यावरण से जुड़े कानूनी मामलों को भी देखते हैं।

क्या है जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़ा मामला

जस्टिस यशवंत वर्मा के घर जिस वक्त आग लगी, उस वक्त वह घर पर नहीं थे। इस दौरान पुलिस और दमकलकर्मियों ने आग तो बुझा दी। लेकिन दावा किया गया कि इस दौरान घर से बड़ी संख्या में जले हुए नोट भी बरामद हुए। हालांकि नोटों का यह ढेर जलकर खाक हो चुका था।

इस मामले में दिल्ली फायर सर्विस के चीफ का भी बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि जज के घर पर आग बुझाने के दौरान कोई कैश नहीं मिला। हालांकि बाद में जज के घर के बाहर से भी जले हुए नोट बरामद हुए। अब इस मामले ने तूल पकड़ा हुआ है।

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