कुमार इंदर, जबलपुर। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जैसे-जैसे लोग जागरूक हो रहे हैं, तो वैसे-वैसे ठग भी ठगी का नया-नया तरीका अपना रहे है। अभी तक साइबर ठग  ठगी करने के लिए लिंक भेजा करते थे, लोग जब उनकी ठगी की चाल समझने लगे तो साइबर फ्रॉड मोबाइल पर फोटो भेजना शुरू कर दिए, जिसमें अदृश्य लिंक छिपी रहती है। फोटो को क्लिक करते ही आपका मोबाइल हैक हो जाएगा और फिर हैकर बड़ी ही आसानी से आपके बैंक खाते को खाली कर देगा।

हाल ही में जबलपुर के 52 वर्षीय प्रदीप जैन इस तरह की ठगी का शिकार हुए है। हैकर ने उनके मोबाइल पर फोटो भेजकर डाउनलोड करते हुए पहचान करने को कहा। जैसे ही फोटो को क्लिक किया, तभी उनका मोबाइल हैक हो गया और कुछ ही देर के भीतर उनके खाते से 2 लाख 1 हजार रुपए निकल गए। प्रदीप कुमार ने अपने साथ हुई ठगी की शिकायत साइबर सेल और कोतवाली थाने में की है।

अज्ञात व्यक्ति का काॅल 9827832213 आया

प्रदीप जैन को 28 तारीख को सुबह 9 बजे मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का काॅल 9827832213 आया। सामने वाले ने व्हाटसएप पर एक फोटो भेजने के बाद कॉल किया और कहा कि क्या आप इस व्यक्ति को जानते है। प्रदीप कुमार ने मैसेज और काॅल को इग्नोर कर दिया। इसके बाद फिर से काॅल आया और वहीं बात दोहराई कि क्या इस व्यक्ति को जानते है। कुछ देर बाद प्रदीप जैन ने व्हाटसऐप पर आई फोटो को क्लिक करने के बाद चेक किया, तो उसमें एक बूढ़े व्यक्ति की तस्वीर थी। अनजान नंबर से आए काॅल पर बात करने के बाद प्रदीप जैन अपने काम पर लग गए।

मोबाइल पर बैंक का अलर्ट मैसेज आया

इस दौरान उनके मोबाइल पर अपने आप एक कस्टमर सपोर्ट एप डाउनलोड हो गया, और तब तक साइबर फ्राड ने प्रदीप जैन का मोबाइल हैक कर लिया था। दोपहर को उनके मोबाइल पर केनरा बैंक का मैसेज अलर्ट आया। पहले 1 रुपए क्रेडिट हुए, फिर कुछ ही देर में एक के बाद एक दो मैसेज आए जिसमें पहली बार में एक लाख रुपए और दूसरी बार में 1 लाख 1 हजार रुपए डेबिट हो गए। प्रदीप जैन को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यह सब हो क्या रहा है, अपने आप क्यों खाते से पैसे निकल रहे है। प्रदीप जैन तुरंत ही बैंक पहुंचे जहां उन्होंने सारी बात बताई। बैंक में बैलेंस चेक किया तो दो लाख 1 हजार रुपए निकल चुके थे। प्रदीप जैन ने तुरंत ही खाते को सीज करवाया और फिर साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। 

आसान प्रक्रिया में इस तरह होती ठगी
यदि बिल्कुल आसान और सरल प्रक्रिया में ठगी के इस नए तरीके की बात करें तो तक आपके मोबाइल पर एक फोटो भेजते हैं। जिसमें एक लिंक छिपी हुई होती है जो आपको नजर नहीं आती लेकिन जैसे ही आप तस्वीर डाउनलोड करते हैं वह लिंक एक्टिव हो जाती और आपका पूरा मोबाइल रिमोट में चला जाता है। मतलब आपके पास उस मोबाइल का कोई एक्सेस नहीं बचता और सामने वाला ठग बड़े आसानी से आपकी गाड़ी कमाई सफाचट कर देता है।

पुलिस लिंक तलाशने में जुटी

पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि, जालसाज बैंक अकाउंट हैक करके पैसा किन खातों में ट्रांसफर करते हैं। वह खाते कहां-कहां और किन बैंकों में है। पुलिस और साइबर सेल इस बात का पता लगाने की कोशिश में भी है कि यह ठग कहां से बैठकर यह पूरा गोरखधंधा संचालित कर रहे हैं।

नीरज नेगी, इंस्पेक्टर साइबर सेल

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