अजयारविंद नामदेव, शहडोल. जिले में वन विभाग को कामयाबी मिली है. टीम ने साधू का भेष धारण कर बाघ के नाखून बेचने वाले 4 शख्स को गिरफ्तार किया है. आरोपी खरीददार ढूंढ रहे थे. इसके पहले की वो नाखून किसी और को बेचते उसके पहले ही वन विभाग की टीम ने खरीदार बनकर उन्हें धर दबोचा.

दरअसल, संजय टाइगर रिजर्व वन परिक्षेत्र मड़वास बफर जोन के ग्राम अमगांव के जंगल में एक मृत बाघ का क्षत-विक्षत शव पड़ा था. जिसे सीधी जिले के रहने वाले वंशपति गोंड अपने समधी जबर शाह सिंह और अपने दो साथी रमेश सिंह व लालमन पनिका के साथ मिलकर बाघ के 5 नाखून लिए. इसके बाद चारों उसे बेचने के लिए खरीददार ढूंढ रहे थे. इस बात की जानकारी वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के रीजनल ऑफिस भोपाल को मिली.

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अपराध नियंत्रण ब्यूरो के रीजनल ऑफिस भोपाल की टीम शहडोल पहुंचकर वन मंडलाधिकारी उत्तर तरुणा वर्मा की टीम के साथ मिलकर साधू का वेश धारण कर तस्करों से बनसुकली गांव के पास सीधी बनसुकली रोड पर मौहार टोला तिराहे के पास संपर्क किया. फिर क्या था टीम ने चोरों को नाखून के साथ धर दबोचा.

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इसके बाद संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को जानकारी दी गई. एक टीम ने अमगांव के पास बाघ का क्षत-विक्षत शव बरामद किया. डीएफओ नार्थ तरुणा वर्मा ने बताया कि तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

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