रोहित कश्यप, मुंगेली। जिले में धान की अवैध ओवरलोडिंग और रिसायक्लिंग की लगातार मिल रही शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। राज्य शासन से प्राप्त अलर्ट और मुख्य सचिव की हालिया बैठक के निर्देशों के बाद कलेक्टर कुन्दन कुमार और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने उपलेटा और वर्धमान राइस मिल सहित उपार्जन केंद्र नवागांव घुठेरा का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर प्रशासन ने उपलेटा स्थित एक राइस मिल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। वहीं, धान के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग में संलिप्त 9 वाहनों को जब्त किया गया है।

वर्धमान राइस मिल की जांच अभी जारी है। इसके अलावा उपार्जन केंद्र नवागांव घुठेरा में बिना जीपीएस युक्त वाहन से धान उठाव की सूचना पर भी जांच की जा रही है।

टूटी बाउंड्रीवॉल से अवैध गतिविधियों की आशंका

कलेक्टर कुन्दन कुमार ने बताया कि जिले की राइस मिलों और सहकारी समितियों में धान की ओवरलोडिंग और रिसायक्लिंग को लेकर लगातार शिकायतें एवं रिपोर्ट प्राप्त हो रही थीं। इन्हीं के आधार पर उपलेटा क्षेत्र की चार राइस मिलों का निरीक्षण किया गया, जहां बड़े पैमाने पर अनियमितताएं उजागर हुईं।

निरीक्षण के दौरान राइस मिल परिसर के पीछे की बाउंड्रीवॉल टूटी हुई पाई गई, जिससे बाहरी धान को अवैध रूप से खपाने की आशंका जताई जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि कस्टम मिलिंग के नाम पर निजी मिलिंग की जा रही थी। साथ ही विभिन्न फर्मों के बीच किसी प्रकार का अधिकृत एंट्री–एग्जिट गेट नहीं था, जिससे एक फर्म का चावल दूसरी फर्म में अवैध रूप से खपाए जाने की संभावना सामने आई है।

शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने का प्रयास

कलेक्टर ने बताया कि राज्य शासन से प्राप्त अलर्ट में जिस वाहन में धान के मूवमेंट की जानकारी मिली थी, वही वाहन राइस मिल परिसर में पाया गया। इससे स्पष्ट होता है कि शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में ओवरलोडिंग, अवैध परिवहन और धान रिसायक्लिंग से जुड़े एक संगठित नेटवर्क की आशंका भी सामने आई है।

कड़ी कार्रवाई के संकेत

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित राइस मिल संचालकों, फर्मों और इसमें संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय सहित राजस्व, खाद्य, पुलिस और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सख्ती से जिले में अवैध धान कारोबार में लिप्त तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है।

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