मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के कैथवलिया क्षेत्र में बन रहे विराट रामायण मंदिर परिसर में आपसी सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है। यहां विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी को होने जा रही है। खास बात यह है कि इस भव्य परियोजना के लिए मुस्लिम परिवारों ने भी खुलकर जमीन दान की है।
120 एकड़ में बन रहा भव्य परिसर
करीब 120 एकड़ क्षेत्र में बन रहे मंदिर परिसर में लगभग 20 एकड़ जमीन मुस्लिम परिवारों ने भगवान शिव-राम के नाम पर दान दी है, जबकि 23 एकड़ भूमि हिंदू परिवारों ने दी। शेष जमीन मंदिर से जुड़े अन्य दानदाताओं द्वारा दी गई है।
रोजगार और सम्मान साथ-साथ
स्थानीय खिलौना विक्रेता मोहम्मद जमील कहते हैं कि यहां कोई धर्म नहीं पूछता। वे रोज 500 से 700 रुपये तक कमा लेते हैं। वहीं एहसान नामक युवक 60 किलोमीटर का सफर तय कर यहां आकर रोजी-रोटी चला रहा है।
सभी को बराबर लाभ
स्थानीय मुस्लिम दुकानदारों का कहना है कि शिवलिंग बनने से किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। सभी धर्मों के लोगों को रोजगार और सम्मान मिल रहा है।
बिहार को मिलेगी वैश्विक पहचान
स्थानीय लोगों का मानना है कि विराट शिवलिंग की स्थापना से बिहार को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी और क्षेत्र में रोजगार व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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