कुमार उत्तम/ मुजफ्फरपुर। शहर की बेलगाम ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर प्रशासन ने कमर कस ली है। नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन को लेकर कई कड़े फैसले लिए गए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शहर को जाम मुक्त बनाना और परिवहन को व्यवस्थित करना है।
निर्धारित रूट और दो दिन की मोहलत
बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब कोई भी ऑटो या ई-रिक्शा अपनी मर्जी से कहीं भी नहीं घूम सकेगा। सभी वाहनों के लिए विशिष्ट जोन और रूट तय कर दिए गए हैं। यदि कोई चालक अपने निर्धारित जोन का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर प्रशासन ने ऑटो संघ को इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने के लिए मात्र दो दिन का समय दिया है।
QR कोड से होगी पहचान और निगरानी
परिवहन व्यवस्था को हाई-टेक बनाने के लिए सभी पंजीकृत ऑटो और ई-रिक्शा को जल्द ही QR कोड जारी किए जाएंगे। इससे न केवल वाहनों की अवैध एंट्री पर लगाम लगेगी, बल्कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की निगरानी करना भी आसान होगा। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ऑटो का शहर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, मानवीय आधार पर मरीजों को अस्पताल लाने वाले वाहनों को इस नियम से रियायत दी जाएगी।
स्टैंडों की मुक्ति और जागरूकता अभियान
शहर के सभी चिन्हित ऑटो स्टैंडों को जल्द ही अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा ताकि वाहन सड़कों पर खड़े न हों। साथ ही, स्मार्ट सिटी के पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए चालकों को लगातार ट्रैफिक नियमों और रूट की जानकारी दी जाएगी। बैठक में एसडीएम ईस्ट तुषार कुमार, डीटीओ सतेंद्र कुमार और ट्रैफिक डीएसपी महेश चौधरी सहित ऑटो संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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