मुजफ्फरपुर। जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने इंसानियत को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सकरा थाना क्षेत्र में आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर दो मासूम बच्चियों के सौदे का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त कार्रवाई में दोनों बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।
पारिवारिक त्रासदी बनी सौदे की वजह
रेस्क्यू की गई बच्चियों के पिता की कुछ समय पहले मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद उनकी मां तीनों बच्चों को ननिहाल छोड़कर उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति से दूसरी शादी कर चली गई। नानी और मामा की खराब आर्थिक स्थिति के कारण बच्चों की परवरिश मुश्किल हो गई थी। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर वर्ष 2025 में मझौलिया गांव के एक निःसंतान दंपति ने भरथीपुर की एक चाय दुकानदार महिला की मध्यस्थता से 6 वर्षीय बच्ची को कथित ‘गोद’ के नाम पर 20 हजार रुपये में ले लिया।
सड़कों पर भटकती रही बच्ची
बच्ची को गोद लेने वाले घर में पुरुष सदस्य का स्नेह तो मिला, लेकिन महिला द्वारा उसके साथ लगातार मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी। अत्याचार से परेशान होकर बच्ची कई बार घर से भागकर सड़कों पर भटकती मिली। स्थानीय लोगों के प्रयास विफल रहने पर मामला पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन तक पहुंचा।
प्रशासन की कार्रवाई और पुनर्वास
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने मामले की पुष्टि करते हुए इसे स्पष्ट रूप से बच्चियों की खरीद-बिक्री बताया। फिलहाल दोनों बच्चियों को श्रम संसाधन विभाग के संरक्षण गृह में रखा गया है। प्रशासन पीड़ित परिवार को समाज कल्याण योजनाओं से जोड़ने और 25 हजार रुपये की सहायता राशि देने की प्रक्रिया में जुटा है। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
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