मुजफ्फरपुर। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने जिला कृषि पदाधिकारी (प्रभारी) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। टीम ने उनके साथ-साथ उनके निजी चालक को भी रिश्वत की राशि के साथ दबोचा है। यह कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

लाइसेंस के नाम पर प्रताड़ना

पूरा मामला एक खाद दुकानदार की शिकायत से शुरू हुआ। पीड़ित दुकानदार का आरोप था कि अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सह प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार जांच के बहाने उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। अधिकारी द्वारा दुकान का लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी जा रही थी और मामले को रफा-दफा करने के एवज में अपने ड्राइवर रामबाबू राय के जरिए 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।

​SVU का ‘ट्रैप’ और गिरफ्तारी

​शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पटना स्थित SVU कार्यालय ने मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने पर पुलिस उपाधीक्षक बिंदेश्वर प्रसाद और सुधीर कुमार के नेतृत्व में एक विशेष ‘धावा दल’ (ट्रैप टीम) तैयार की गई। मंगलवार को योजना के अनुसार, जैसे ही ड्राइवर ने अधिकारी के इशारे पर दुकानदार से पैसे लिए, निगरानी की टीम ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद केमिकल टेस्ट के जरिए रिश्वत के लेन-देन की वैज्ञानिक पुष्टि भी की गई।

​कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

​इस संबंध में पटना निगरानी थाने में कांड संख्या 06/26 दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। SVU अब अधिकारी के अन्य ठिकानों की तलाशी ले रही है ताकि आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया जा सके।