कुमार उत्तम/मुजफ्फरपुर। जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार को पुराना साहेबगंज रोड बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले दर्जनों पदाधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कांटी प्रखंड के प्रमुख कृपा शंकर शाही और समाजसेवी चुलबुल शाही कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित लोगों ने रेल प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

​हजारों की आबादी पर संकट

​संघर्ष समिति का कहना है कि 100 वर्ष पुराने साहेबगंज रोड स्थित कपरपुरा (गुमटी नंबर 107) को बंद करने का निर्णय अव्यवहारिक है। इस मार्ग के बंद होने से सैकड़ों गांवों के हजारों लोगों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट जाएगा। स्थानीय निवासियों को रेलवे स्टेशन, सदर अस्पताल, कोर्ट और कचहरी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मुजफ्फरपुर आने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना होगा, जो बेहद कष्टकारी है।

​प्रशासन से पहले रोड, फिर बंदी की मांग

​धरने पर बैठे नेताओं ने स्पष्ट किया कि विकास के नाम पर आम जनता के बुनियादी रास्ते को छीना जा रहा है। उनकी मांग है कि जब तक प्रशासन कपरपुरा गुमटी के समानांतर कोई उपयुक्त वैकल्पिक सड़क या ओवरब्रिज का निर्माण नहीं कर देता, तब तक वर्तमान गुमटी को किसी भी हाल में बंद नहीं किया जाए।

​आंदोलन की चेतावनी

​समाजसेवियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और रेल विभाग ने उनकी मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो यह शांतिपूर्ण धरना उग्र जन-आंदोलन में बदल जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उनकी रोजी-रोटी और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ा मामला है, जिससे कोई समझौता नहीं होगा।