मुजफ्फरपुर। जिले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बोचहां प्रखंड के गरहां थाना क्षेत्र से पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने यूएपीए (UAPA) एक्ट के तहत वांछित एक नक्सली को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीते 12 वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

​लोहसरी पंचायत के भुसाही गांव में हुई छापेमारी

​गिरफ्तार आरोपी की पहचान भुसाही गांव निवासी बैजनाथ सहनी के पुत्र लोहा सिंह उर्फ कुशेश्वर सहनी के रूप में हुई है। पुलिस को काफी समय से उसकी तलाश थी। शुक्रवार को एसआईटी को सटीक जानकारी मिली कि लोहा सिंह अपने पैतृक आवास पर मौजूद है। बिना समय गंवाए टीम ने घेराबंदी की और उसे उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया।

​करीब एक दशक पुराना है आपराधिक इतिहास

​लोहा सिंह पर आरोप है कि वह 12 साल पहले सक्रिय रूप से नक्सली गतिविधियों में शामिल हुआ था। उस पर दर्ज मुख्य मामलों का विवरण निम्नलिखित है:

  • ​हथौड़ी थाना (2015): इस कांड में वह प्राथमिक अभियुक्त (नामजद) है। इसी मामले में न्यायालय ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया था।
  • ​बोचहां थाना (2014): इस मामले में उसका नाम अप्राथमिकी अभियुक्त के तौर पर शामिल है।

​ट्रक चालक बनकर काट रहा था फरारी

​गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान लोहा सिंह ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने पुलिस को बताया कि वह अब नक्सली गतिविधियों से दूर एक सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने ट्रक चालक का पेशा अपना लिया था और ट्रक चलाकर ही अपने परिवार का गुजारा कर रहा था। हालांकि, कानून के लंबे हाथों ने उसे अंततः ढूंढ निकाला।

​आगे की कानूनी प्रक्रिया और रिमांड

​मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ अलय वत्स खुद इस अनुसंधान का नेतृत्व कर रहे हैं। थानाध्यक्ष यशवंत कुमार मिश्रा ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में उसे हथौड़ी थाना के मामले में न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। जल्द ही पुलिस उसे बोचहां थाना क्षेत्र के पुराने मामले में पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी, ताकि नक्सली नेटवर्क और उसके पुराने संपर्कों के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा सके।