कुमार उत्तम/मुजफ्फरपुर। जिले के गायघाट में पुलिस छापेमारी के दौरान 60 वर्षीय किसान जगतवीर राय की मौत ने अब तूल पकड़ लिया है। इस कथित पुलिस हत्या के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता देवव्रत कुमार सहनी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में याचिका दायर कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डायरी नंबर 36196/CR/2026 के तहत शिकायत दर्ज कर ली है।

​आधी रात को हुआ था खूनी तांडव

​घटना 17 मार्च 2026 की रात चोरनिया गांव की है। तत्कालीन SHO राजा सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम एक पुराने मामले में वारंट तामील कराने पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि SHO नशे की हालत में थे। जब जगतवीर राय ने पुलिसिया बर्बरता का विरोध करते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की बात कही, तो उन्हें कथित तौर पर सीने में गोली मार दी गई। हालांकि, पुलिस ने इसे आत्मरक्षा में की गई हवाई फायरिंग का परिणाम बताया है।

​पुलिस की कार्रवाई और विरोधाभास

​मुजफ्फरपुर SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने स्वीकार किया है कि मृतक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सीने में गोली लगने की पुष्टि हुई है। वर्तमान में आरोपी SHO राजा सिंह समेत पूरी टीम को निलंबित कर दिया गया है और उन पर धारा 103 BNS (हत्या) के तहत FIR दर्ज है। इसके साथ ही ग्रामीणों पर भी पथराव की काउंटर FIR हुई है।

​मानवाधिकार उल्लंघन और मुख्य मांगें

​शिकायतकर्ता ने इसे अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताते हुए NHRC से निम्नलिखित हस्तक्षेप की मांग की है:

  • ​निष्पक्ष जांच: मामले की जांच NHRC की निगरानी में SIT या CBI से कराई जाए।
  • ​आर्थिक सहायता: पीड़ित परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले।
  • ​गिरफ्तारी: हत्या के आरोपी पुलिसकर्मियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित हो।
  • ​SOP में बदलाव: रात्रि छापेमारी के दौरान वीडियोग्राफी और महिला पुलिस की मौजूदगी अनिवार्य की जाए।

​यह मामला बिहार पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं, जिससे जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।