मुजफ्फरपुर। जिले के व्यस्ततम व्यापारिक केंद्र मोतीझील में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वाणिज्य कर विभाग (सेल्स टैक्स) की विशेष टीम ने प्रसिद्ध कपड़ा शोरूम ‘सागर रेडीमेड एक्सक्लूसिव’ पर औचक छापेमारी की। विभाग की इस कार्रवाई से पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते कई अन्य बड़े प्रतिष्ठानों के शटर गिर गए।

​करोड़ों के स्टॉक में बड़ी गड़बड़ी की आशंका

​विभागीय सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही टैक्स चोरी की शिकायतों के आधार पर की गई है। अधिकारियों को संदेह है कि शोरूम द्वारा दिखाए जा रहे टर्नओवर और जमा किए जा रहे टैक्स के आंकड़ों में भारी विसंगति है। विशेष रूप से आगामी होली के त्योहार को देखते हुए मंगाए गए करोड़ों रुपये के नए स्टॉक के दस्तावेजों में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि भारी मात्रा में माल बिना वैध बिल के मंगाया गया है, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की चपत लग रही है।

गोपनीयता के लिए कर्मियों के मोबाइल जब्त

​दोपहर करीब 2:00 बजे जैसे ही टीम शोरूम में दाखिल हुई, अधिकारियों ने सबसे पहले सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए वहां मौजूद सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए। जांच के दौरान किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए शोरूम के प्रवेश और निकास द्वारों को पूरी तरह बंद कर दिया गया।
​वर्तमान में टीम निम्नलिखित बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है:
​कंप्यूटर डेटा और बिलिंग मशीन: डिजिटल लेनदेन और कच्चे बिलों की पड़ताल।
​स्टॉक रजिस्टर: गोदाम में मौजूद भौतिक माल और कागजी रिकॉर्ड का मिलान।
​गोदाम और ऊपरी तल: शोरूम के ऊपरी हिस्सों में रखे भारी स्टॉक की सघन तलाशी।

बाजार में दहशत, अन्य दुकानें हुई बंद

​इस बड़ी कार्रवाई की खबर सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गई। सेल्स टैक्स की टीम को सक्रिय देख मोतीझील के अन्य बड़े कपड़ा कारोबारी भी अपनी दुकानों के शटर गिराकर भूमिगत हो गए। स्थानीय व्यापारियों के बीच यह चर्चा तेज है कि विभाग की रडार पर शहर के कई और बड़े संस्थान हैं, जिन पर आने वाले दिनों में गाज गिर सकती है।

​देर शाम तक स्पष्ट होंगे आंकड़े

​छापेमारी की प्रक्रिया तीन घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जारी है। हालांकि, टीम का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों ने अभी मीडिया से दूरी बना रखी है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि स्टॉक की गणना और कागजातों के मिलान की प्रक्रिया जटिल है, इसलिए टैक्स चोरी का वास्तविक आंकड़ा पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि विभाग देर शाम तक इस मामले में आधिकारिक प्रेस नोट जारी करेगा।