बिहारशरीफ/नालंदा। सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत अन्य लंबित मांगों को लेकर नालंदा जिले में बैंक कर्मियों का आंदोलन तेज हो गया है। बिहारशरीफ में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। पांच दिवसीय आंदोलन के तहत कर्मियों ने केंद्र सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ नारेबाजी की।

6 दिन का काम, 5 दिन में करने को तैयार

प्रदर्शन में शामिल बिहारशरीफ ब्रांच की डीजीएम रश्मि कुमारी ने कहा कि देश के लगभग सभी वित्तीय संस्थानों में 5-डे वर्क कल्चर लागू है, लेकिन बैंकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बैंक कर्मी 6 दिन के कामकाज को 5 दिनों में समायोजित करने को तैयार हैं। इसके लिए अतिरिक्त घंटे काम करने में भी कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कर्मचारियों को मानसिक शांति और परिवार के लिए समय मिलना जरूरी है।

असली प्रधान सेवक बैंक कर्मी हैं

एसबीआई शाखा प्रबंधक ब्रजेश कुमार ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री खुद को प्रधान सेवक कहते हैं, लेकिन असली प्रधान सेवक बैंक कर्मी हैं।
उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी गर्मी, सर्दी और बारिश में बिना रुके जनता की सेवा करते हैं, जबकि नेताओं के लिए मनमाफिक छुट्टियां तय हैं। इसके बावजूद बैंक कर्मियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

कई यूनियनों की भागीदारी

प्रदर्शन में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन समेत अन्य यूनियनों के सदस्य शामिल हुए। मौके पर सौरभ, नीतीश, रितेश, राजीव, आशीष, अमित सिन्हा, धूत और ब्रजेश सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मी मौजूद रहे।